Published On : Mon, Jul 15th, 2019

मिड-डे-मिल में विद्यार्थी को अंडा देने का कबीरपंथियो ने किया विरोध

नागपुर- छत्तीसगढ़ के शासकिय स्कूलों के मिड-डे-मिल में अंडा देने के भूपेश बघेल सरकार के निर्णय का कबीरपंथ समाज ने विरोध किया है. सदगुरु कबीर आश्रम गुजरखेड़ी जिला नागपुर के सदस्य एवं भाजपा के प्रभाग महामंत्री देवेन्द्र जैस्वाल ने इस निर्णय का विरोध कर बताया कि कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के शासकीय स्कूलों में बच्चो को खिलाएं जाने वाले मध्याह्न भोजन में खाद्य सामग्री में अंडे को शामिल किए जाने के निर्णय का देश के सभी कबीरपंथी जोरदार विरोध कर रहे है.

कबीरपंथ के आचार्य पंथ प्रकाशमुनीनाम साहेब (सदगुरु कबीर आश्रम) दामाखेड़ा जिला बलौदा बाजार छत्तीसगढ़ द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक पत्र लिखकर कबीरपंथियों की भावनाओ को व्यक्त करते हुए इस निर्णय को धर्म, संस्कृति के खिलाफ बताते हुए स्कूली बच्चो को मांसाहारी बनाने वाला कदम बताया है. जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में करीब 35 लाख कबीरपंथी रहते है.

उन्होंने सरकार से अंडा देने के निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि अगर 16 जुलाई तक निर्णय वापस नही लिया गया तो 17 जुलाई से दामाखेड़ा रायपुर बिलासपुर हाइवे पर अनिश्चितकाल आंदोलन किया जाएगा. देवेन्द्र जैस्वाल ने नागपुर एवं राष्ट्र के सभी कबीरपंथी एवं शाकाहारी व्यक्तियो से निवेदन किया है कि सरकार के इस धर्म के विरुद्ध फैसले को वापस लेने के लिए इस आंदोलन में अपना सहभाग दे.