Published On : Tue, Apr 2nd, 2019

श्रीराम अर्बन : बौखलाए निवेशकों ने मैनेजर पर किया हमला

नागपुर: करोड़ों रुपये की हेराफेरी को लेकर चर्चा में आई जय श्रीराम अर्बन क्रेडिट को आपरेटिवव सोसायटी की महिला मैनेजर के साथ निवेशकों ने थाने के सामने ही मारपीट की. इस वजह से कुछ समय के लिए थाने के बाहर तनाव का वातावरण निर्माण हो गया. पुलिस ने एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उल्लेखनीय है कि पिछले 2 सप्ताह से निवेशक थाने के चक्कर काट रहे है. धोखाधड़ी का आंकड़ा करोड़ों में पहुंच चुका है. बावजूद इसके पुलिस विभाग द्वारा कोई एक्शन नहीं होने से निवेशकों में गुस्सा है. जख्मी महिला मैनेजर सुनीता पोल पहले ही सोसायटी के संचालक और पदाधिकारियों द्वारा की जा रही हेराफेरी उजागर कर चुकी है.

सुनीता का कहना है कि सोसायटी के अध्यक्ष खेमचंद मेहरकुरे ने अपने पद का दुरुपयोग कर बड़ी हेराफेरी की है. निवेशकों में व्यवस्थापक होने के नाते उनपर गुस्सा है, लेकिन वें पहले ही पुलिस कमिश्नर से मिलकर सोसायटी के अध्यक्ष मेहरकुरे के खिलाफ शिकायत कर चुकी है. पुलिस ने मेहरकुरे सहित अन्य पदाधिकारियों को अपना बयान दर्ज करने के लिए थाने बुलाया है, लेकिन वो नहीं पहुंचे. केवल सुनीता ही अपना बयान दर्ज करवाने के लिए कोतवाली थाने पहुंची. इसकी भनक निवेशकों को लग गई. निवेशक थाने के बाहर जमा हो गए. सोसायटी के खिलाफ प्रदर्शन किया. इसी दौरान कुछ निवेशक महिलाओं ने सुनीता के साथ मारपीट कर दी. पुलिस ने किसी तरह मामला शांत किया. सुनीता को उपचार के लिए मेयो अस्पताल भेजा गया और मामला भी दर्ज किया गया.

सुनीता के अनुसार तिरंगा चौक निवासी मेहरकुरे ने संस्था के पैसों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया है. वर्ष 2014 में नया घर बनवाया. सुधांशु महाराज का बड़ा कार्यक्रम किया गया था, इसमें लाखों रुपये संस्था के खर्च किए गए. लाखों रुपये की देनगी नकद स्वरूप में दी गई. मेहरकुरे अध्यक्ष होने के नाते अपना मानधन तो लेते ही थे, इसके अलावा भी सोसायटी के पैसों से खेत और कार खरीदी. इसके अलावा एक अट्टा चक्की भी शुरु की गई.

सोसायटी की इमारत दूसरी संस्था में गिरवी रख दी. संचालक मंडल की सभा कभी हुई ही नहीं. सारी बैठक केवल कागजों पर होती थी. संस्था का उपाध्यक्ष मेहरकुरे का भांजा योगेश बनोदे है. उसके मार्फत परिवार से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाया गया. कोई लिखा पढ़ी न करते हुए लोगों को लाखों रुपये दे दिए. वहीं निवेशकों का कहना है कि पुलिस द्वारा कोई एक्शन नहीं लिए जाने के कारण उनका रुपया गबन करने वाले खुले घूम रहे है. इतने लोगों की शिकायत मिलने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. यही कारण है कि निवेशकों में रोष है और किसी भी समय कोई बड़ी घटना हुई है.