Published On : Fri, May 8th, 2015

यवतमाल : शिवयोग किसान शिविर कल से


किसान आत्महत्या रोकने के लिए आयोजन

Swami Shiwanand
यवतमाल। विदर्भ में किसानों की आत्महत्या सर्वाधिक होने की जानकारी अवधूत बाबा शिवानंद को मिलते ही उन्होंने यह आत्महत्या रोकने के लिए शिवयोग किसान शिविर यवतमाल में लेने की सुचना दी. जिससे आगामी 9 और 10 मई को यवतमाल में शिवयोग का विशाल किसान शिविर का आयोजन किया गया है. यह शिविर स्थानिय हेलिपॅड ग्राऊंड पर 9 मई की दोपहर 2 से 6 और 10 मई की सुबह 8 से 12 तक होगा. किसान हजारों की संख्या में उपस्थित रहें ऐसा आवाह्न आयोजक साधक ने किया है, यह जानकारी पत्रकार परिषद में दिपक हेडा, पं. दुबे, मिनल मदन येरावार, राजु निवल, अविनाश लोखंडे ने दी.

इस किसान शिविर में निशुल्क खाद पद्धति की जानकारी दी जाएगी. साथ ही अपने खेत में उत्पन्न अनाज का उपयोग बीज के रूप में कैसे करें, ऐसी जानकारी प्राप्त होगी. आज किसान कृषि और ऋषी यह प्राचीन संस्कृति भुल गए है. जिससे बीज, खाद, किटकनाशक आदी कंपनीयां रगड्ड हुई है. तो किसानों की हालत खराब हुई है. किसानों की हालत सुधारने के लिए प. पू. अवधूत बाबा शिवानंद देशभर में किसानों के कल्याण के लिए शिवयोग के भगवान महामृत्यूंजय की संजीवनी शक्ति तथा दुर्गा सप्तशती का ध्यान देकर किसान आत्महत्या रोकना संभव है. खेतमाल का दर्जा सुधारना, वातावरण, मौसम अनुकूल बनाने के लिए एवं फसल संरक्षण के लिए प्रयास करें इसकी जानकारी अवधूत बाबा शिवानंद किसानों को देगे.

इससे पहले अवधूत बाबां के किसान शिविर जहा हुए वहां के किसानों को लाभ हुआ. होशंगाबाद, नर्सिंगपुर, जबलपुर, धनतरी और कराड में किसान शिविर हुए. यहा किसानों का अच्छा प्रतिसाद मिला. मई  माह में गोटेगांव, महेश्वर, बडोदा, इंदौर, नर्सिंगपुर आदि जगह शिविर आयोजन किया गया है. जिसमें 7 और 8 मई को बडोदा में, 9 और 10 मई को यवतमाल में, 11 और 12 मई को गोटेगांव, महेश्वर में 13 और 14 मई को, इंदौर में 15 और 16 मई को तथा नर्सिंगपुर में 17 और 18 मई को किसान शिविर आयोजित किया गया है.


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ध्वजपुजन एवं भुमीपुजन संपन्न

9 और 10 मई 2015 को  स्थानिय हेलीपॅड मैदान पर आयोजित किए गए शिवयोग किसान शिविर का  भुमीपुजन और ध्वजपुजन समारोह विधिपुर्वक संपन्न हुआ. इसकी पुजा पंडित दुबे,  अरविंद तायडे,  मिनल येरावार के हाथों हुई. इस समय पौरोहित्य मनोज औदार्य ने किया. इस शिविर में विदर्भ से बडी संख्या में किसान शामिल होनेवाले है. इन सभी किसानो के भोजन एवं निवास की व्यवस्था आयोजकों ने  की है. बसस्टँड के पास के हेलिपॅड मैदान पर होनेवाले इस शिवयोग किसान शिविर में 25 हजार किसान बैठ पाएगे ऐसा विशाल मंडप बनाया गया है. जिसकी तैयारीयां अंतिम चरणो मे चल रही है. यह शिविर  सफलतापुर्वक करनेके लिए विविध समितियों का गठन किया गया है.

ध्वज पुजन एवं भुमिपुजन कार्यक्रम में अॅड.दिपक हेडा, बाल चाफले, अजय मुंधडा, राजेश्वर निवल, जयंत बापट, सुभाष शर्मा,  अॅड.रविशेखर बदनोरे, बाल शिंदे, शंतनु शेटे, डॉ.प्रताप तारक, अनंत पांडे, अविनाश लोखंडे, अमर दिनकर, अमोल येरावार, डॉ.सुरेंद्र पदमावार, मिलींद राजे, जयंत अत्रे, सुहास पुरी, दिलीप मादेशवार, बाल  सज्जनवार, मीरा फडणीस, ज्योती चव्हाण, माधवी राजे, अर्चना पुरी, शीतल मते, मालती राजकोंडावार, संजय बंदुके, किशोर गुल्हाने, संजय भुयार, अनिल पेशवे, संजय चाफले, नाना देशपांडे, रामकिसन  काकाणी, बिरेंद्र चौबे, धनंजय लोखंडे, बाबा बोरकर, अशोक तोलीवाल, गणेश तिवारी, राहुल अडगुलवार, गणपत काले, संतोष डोमाले  आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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शिवयोगखेती तरीके से खेती कर किसानों ने कमाया मुनाफा, उनकी प्रतिक्रीया

1. प्रा.शशिकांत यादव, जबलपूर (म.प्र.)
प्रो.शशीकांत यादव ने अब अपने खेतो मे कीटकनाशक और रासायनिक खाद का प्रयोग बंद कर दिया है. इसके बावजूद उनकी फसलो का उत्पादन पहले  से कई गुणा बढ गया है. क्वालिटी मे अभूतपुर्व वृध्दी, पशु  स्वस्थ हो गए है और उनका दुग्ध उत्पादन बढ गया है.

2. मोहनसिंग कुशवाह, मोहल, जि.नरसिंहपूर (म.प्र.)
गाव मोहक नरसिंहपुर के रहनेवाले मोहन सिंह कुशवाह को मटर की  फसल से पहले 30 हजार रूपये की आमदनी होती थी लेकीन इस बार शिवयोग शक्ती के प्रयोग से उनको मटर की फसल से 3 लाख रूपये की  आमदनी हुई.

3. संतोषकुमार (नरसिंहपूर)
नरसिंहपूर के रहनेवाले संतोष कुमार के यहा इस बार अरहर की फसल मे जबरदस्त इल्लि लगी उसके आस पास खेत  पुरी तरह बर्बाद हो गए. फसल के नाम पर केवल छवी दिखाई दे रही थी. संतोष कुमार ने  अपने अरहर के खेत मे शिवयोग शक्ती प्रवाहित की तो उससके खेत में समाप्त हो गयी और कोई नुकसान नही हुआ.

4. श्रीमती मनोरमा (ओरीसा)
मनोरमा की फसल को हाथी बर्बाद कर देते थे लेकीन जब से उन्होंने अपने खेत मे शिवयोग शक्ति प्रवाहीत की है तबसे हाथी आते जरूर है लेकीन उनकी फसल  को कोई नुकसान नही पहुंचता.