Published On : Thu, Jul 25th, 2019

भाजपा की स्मार्ट सिटी के खिलाफ सहयोगी शिवसेना का मोर्चा

आंदोलन स्थल पर प्रकल्प के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से चर्चा पर अड़े,बारिश में भी आंदोलनकारी मुस्तैद रहे,प्रकल्प सीईओ ने दिया 10 अगस्त के पहले भवानी मंदिर में चर्चा का अश्वाससन

नागपुर : भाजपा के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक स्मार्ट सिटी प्रकल्प हैं। जिसके प्रभावितों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। विधानसभा चुनाव के निकट शिवसेना ने उक्त प्रभावितों का मुद्दा उठाकर मनपा मुख्यालय पर आज दोपहर दस्तक दी। पुलिस प्रशासन की मध्यस्थता से आंदोलनकारियों को प्रकल्प के सीईओ ने चर्चा के लिए आमंत्रित किया लेकिन आंदोलनकारी शिवसेना के नेतृत्वकर्ता प्रकाश जाधव,राजू तुमसरे, नितिन तिवारी ने उनका आमंत्रण अस्वीकार कर सीईओ को आंदोलन स्थल पर आने की गुजारिश की। इस बीच तेज वर्षो ने अल्प काल के लिए दस्तक दी,सभी आंदोलनकारी मुख्य द्वार पर डटे रहे।

इसके बाद पुलिस के साथ 6 शिवसेना पदाधिकारी स्मार्ट सिटी की टीम से मिलने मनपा आयुक्त के कार्यालय के निकट के कक्ष में प्रवेश किये। मनपा आयुक्त कार्यालय के बाहर तैनात पुलिस अधिकारी ने उपस्थित पत्रकारों के साथ बतमीजी से पेश आएं, मनपा आयुक्तालय के कर्मियों व मनपा के सुरक्षा कर्मियों के मध्यस्थता से मामला शांत हुआ था कि एक बार पुनः इस पुलिस अधिकारी ने जिला प्रमुख प्रकाश जाधव के संदेशवाहक से तू तू,मैं मैं की। लगभग पौने घंटे की चर्चा सेना पदाधिकारियो सह प्रकल्प प्रबंधकों के मध्य हुई। अंत में स्मार्ट सिटी का सीईओ आंदोलन स्थल पर आने व दूर से अपनी बात रखने को राजी हुआ। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि नहीं आये तो आंदोलन अनशन जारी रहेगा।

प्रकल्प सीईओ रामनाथ सोनवणे ने आंदोलनकारियों से रु ब रु हुए और कहा कि 10 अगस्त तक समय दीजिये,एक सभा लेकर प्रकल्प संबंधी जानकारी व सवालों का जवाब देंगे। लगभग 30 मिनट बाद प्रकल्प सीईओ ने आन्दोलनस्थल पर निवेदन स्वीकार कर 10 अगस्त के पहले भवानी मंदिर में चर्चा का आश्वासन दिया। इनकी मांग यह हैं कि खासकर पूर्व नागपुर में प्रकल्प लाया गया। इस प्रकल्प को तैयार करने में कई त्रुटियाँ सामने आई,आम नागरिकों की मांग हैं कि स्मार्ट सिटी का प्रस्तावित नक्शा रद्द करके नागपुर सुधार प्रन्यास के विकास योजना को ही अमल में लाया जाए। खासकर पारडी घाट के सामने से विकासानंद मिशन को ऑपरेटिव सोसाइटी के ले आउट से दक्षिण से उत्तर की तरफ 24 मीटर का रोड प्रस्तावित हैं।

इसके रद्द किया जाए,क्योंकि प्रस्तावित प्रकल्प के लिए कई घरों को तोड़ा जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रकल्प के तहत जाने वाली किसानों की खेतों का 5 गुणा मुआवजा दिया जाए। व्यावसायिक जगहों को अधिग्रहण के बदले 3000 रुपये प्रति वर्ग फुट मुआवजा दिया जाए। सभी घरों को तोड़ने के एवज में पूर्ण बांधकाम का अंकेक्षण कर 3-3 हज़ार रुपये वर्ग फुट रकम दी जाए। प्रकल्प के तहत नए कब्रस्तान- दहन के निर्माण के लिए मौजा भरतवाड़ा,पुनापुर,पारडी,भांडेवाड़ी में स्थित खाली जगह अधिग्रहित की जाए।

572-1900 लेआउट को ही सिरे से विकसित किया जाए। नया आरक्षण बस्तियों को उजाड़ने के लिए न लाधा जाए। सुभाष नगर पॉवर हाउस से कलमना मार्केट तक का रोड प्रन्यास के द्वारा ही 12 मीटर का सड़क निर्माण हो। भारत नगर से भरतवाड़ा मार्ग यथावत रखा जाए। प्रकल्प के अंतर्गत आने वाले रहवासियो को पहले पूर्ण मुआवजा दिया जाए फिर उन्हें हटाया जाए। स्मार्ट सिटी प्रकल्प का 60/40 का फार्मूला किसी भी प्रभावितों को मान्य नहीं, इसे तत्काल रद्द किया जाए।