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    Published On : Tue, Nov 12th, 2019

    ज्यादा समय नहीं दिए जाने से नाराज शिवसेना गई सुप्रीम कोर्ट

    नागपुर– राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश करते हुए राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपी है. इस बीच शिवसेना ने सरकार गठन के लिए और समय दिये जाने से महाराष्ट्र के राज्यपाल के इनकार करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

    शिवसेना की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राज्यपाल के फैसले पर सवाल उठाए याचिका में कहा गया कि राज्यपाल से उन्होंने 3 दिन की मोहलत की मांग की थी जिसको राज्यपाल ने मना कर दिया. शिवसेना ने अपनी याचिका में कहा कि शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए 3 दिन की मोहलत की मांग की थी और इस 3 दिनों के दौरान वह एनसीपी और कांग्रेस के साथ बातचीत कर समर्थन जुटाना चाह रहे थे.

    लेकिन उनको यह मोहलत नहीं दी गई. महाराष्ट्र कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रजनी पाटिल ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लगने से कोई फर्क नहीं पड़ता.. हमारे तीन नेता मुम्बई गए हैं, दो-दिन में फैसला हो जाएगा. अहम फैसला है.

    इसलिए समय लग रहा है. चट मंगनी पट ब्याह की तर्ज पर फैसला नहीं हो सकता. महाराष्ट्र के राज्यपाल को एनसीपी ने दोपहर 12:30 बजे चिट्ठी लिखकर अपने पास बहुमत नहीं होने की जानकारी दी थी और 3 दिन का समय मांगा था.

    इसके बाद राज्यपाल ने एनसीपी को दिए शाम 8:30 बजे तक के समय के खत्म होने की प्रतीक्षा किए बिना ही चिट्ठी के आधार पर राज्य में किसी भी दल के सरकार नहीं बना पाने की स्थिति की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज दी. गृह मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा और उसके बाद केंद्रीय कैबिनेट की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई इस बैठक में महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने को मंजूरी दे दी गई.


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