Published On : Wed, Dec 17th, 2014

वर्धा : सिंचाई प्रकल्पों को शीघ्र पूरा कर लाभ पहुँचाएँ

 

  • वर्धा जिले की सिंचाई व अन्य विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के निर्देश
  • सिंचाई क्षमता निर्माण करने के लिए कालबद्ध कार्यक्रम तैयार होगा
  • साकार होगा ‘गाँधी फॉर टुमॉरो’ योजना
  • वर्धा को पायलट जिला घोषित

MLA Meeting CM
वर्धा। निम्न वर्धा, आजनसरा, लाल नाला आदि सिंचाई प्रकल्पों से किसानों को प्रत्यक्ष सिंचाई का लाभ दिए जाने तथा लगातार पानी पहुँचाने के लिए छोटी नहरों के कार्यों को प्राथमिकता देने के साथ ही अधूरे पड़े कार्य को पूर्ण करने के लिए कालबद्ध कार्यक्रम तैयार करें. यह निर्देश मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने आज वर्धा जिले के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए. विधान भवन में वर्धा जिले के सिंचाई, कृषि, बिजली व यातायात आदि विभागों की समीक्षा मुख्यमंत्री के अध्यक्षता में हुई बैठक में की गई. इस अवसर पर वे अधिकारियों का मार्गदर्शन कर रहे थे.

बैठक में जल सम्पदा मंत्री गिरीश महाजन, विधायक रंजीत कांबले, डॉ. पंकज भोयर, कुन्नावार, ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय मेहता, नियोजन विभाग के प्रधान सचिव के.पी. बक्षी, जलसम्पदा विभाग के प्रधान सचिव मालिनी शंकर, विभागीय आयुक्त अनूप कुमार, सार्वजनिक बाँधकाम विभाग के सचिव विकेक नाईक, जिलाधिकारी एन. नवीन सोना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी उदय चौधरी, मुख्य अभियंता अजित सगणे आदि अधिकारी मौजूद थे.
सिंचाई प्रकल्प पूर्ण होने के बाद केवल छोटी नहर व पुनर्वसित गाँवों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होने से किसानों को सिंचाई का लाभ नहीं मिलने की बात पर बल मुख्यमंत्री ने बल दिया. उन्होंने कहा कि सिंचाई का प्रत्यक्ष लाभ दिलाने के लिए आवश्यक सभी कार्य शीघ्रताशीघ्र पूर्ण करें. साथ ही वन जमीन से संबद्ध प्रलंबित प्रकल्पों के प्रस्ताव को प्राथमिकता देकर केन्द्र सरकार को भेजें.

सड़कों का करेंगे निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक बाँधकाम विभाग द्वारा निर्माण किए जाने वाले सड़कों की गुणवत्ता व दर्जा उत्तम हो. जिले में यातायात सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ सड़कों के कार्यों की विशेष पथक द्वारा जाँच की जाएगी. वर्धा जिले के 1 हजार 790 किलोमीटर सड़क का मरम्मत शीघ्र की जाए.
वहीं शहर के रेलवे उड़ान पुल की चौड़ाई व नागपुर-बोरी-तुळजापुर मार्ग के फोरलेन का कार्य व सिंदी गाँव के पास नया रेलवे उड़ान पुल की समीक्षा की गई.
वहीं ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अजय मेहता ने जानकारी दी कि कृषि पम्पों को बिजली से जोडऩे के कार्यक्रम अंतर्गत पिछले पाँच वर्षों में 10 हजार 545 विद्युतीकरण पूर्ण किया गया. अक्टूबर के आखिरी तक 4 हजार 77 प्रलंबित विद्युतीकरण का कार्य मार्च 16 तक पूर्ण कर लिए जाएँगे. जिले में खराब हो गए 409 ट्राँसफारमर बदले गए. वहीं इंफ्रा-2 योजना के अंतर्गत विद्युत सुधार के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित की गई.

‘गाँधी फॉर टुमॉरो’ योजना को साकार करें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि महात्मा गाँधी के आगमन के 75वें तथा जयंती के 150वें वर्ष पूर्ण होने से पूर्व 495 करोड़ रुपये खर्च से सेवाग्राम विकास का प्रारूप पूर्ण कर ली जाए. 14 करोड़ रुपये खर्च कर पहले चरण के कार्यों को प्रशासकीय अनुमति दिए जाने के संदर्भ में तत्काल प्रस्ताव भेजी जाए. गाँधी फॉर टुमॉरो प्रकल्प राज्य के लिए महत्वपूर्ण है. केन्द्र की ओर से इस योजना को सहायता मिलेगी. इस राष्ट्रीय योजना को साकार करें.
वर्धा जिले को पेयजल संकट से उबारे के लिए विशेष कार्यक्रम चलाये जाने से दो वर्षों से जिला टैंकर मुक्त है. जिले में 139 गाँवों में 24 घंटे जलापूर्ति किए जाने के लिए 30 गाँवों में मीटर लगा दी गई है.

जिलाधिकारी एन. नवीन सोना ने सम्पूर्ण वर्धा जिले को  आधार पंजीयन व उसके अंतर्गत सरकार की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने वर्धा को पायलट जिला के रूप में घोषित किया. उन्होंने बताया कि वर्धा डिजिटल इंडिया अंतर्गत जीआईएस मैपिंग अनुसार जिले में उपलब्ध किए गए साधनों उनके उपयोग व सरकार के विविध योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने शहर विकास प्रारूप तैयार करने के लिए अनूठा उपक्रम संचालित किया जा रहा है. इस अवसर पर आमदार रंजीत कांबले, डॉ. पंकज भोयर, समीर कुन्नावार ने अपने क्षेत्र की समस्याएँ की जानकारी दी.