Published On : Thu, Oct 25th, 2018

दो महीनों में स्क्रब टायफस ने ली 29 लोगों की जान

नागरिकों को सतर्क रहने की जरुरत

नागपुर: आरेंज सिटी सहित विभाग में सक्रामक बीमारियां तेजी से फैल रही है. स्वाइन फ्लू ने अब तक 12 से अधिक लोगों की जान ले ली. डेंगू से मरने वालों का भी आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. इतना ही नहीं स्क्रब टायफस से पिछले 2 महीनों में 29 लोगों की मौत हो गई. इसके बाद भी प्रशासनिक व्यवस्था केवल आंकड़े जमा करने के अलावा कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है. बैठकों का दौर अब भी जारी है, लेकिन बीमारियों पर नियंत्रण नहीं हो रहा है. यही वजह है कि जनता हलाकान हो रही है.

स्क्रब टायफस को लेकर शुरुआत में लोगों में जागृति नहीं होने से और ग्रामीण क्षेत्रों में योग्य उपचार नहीं किए जाने से कई लोगों की मौत हुई. 2 महीने में 184 लोग स्क्रब टायफस की वजह से बीमार हुए हैं. इस बीच मंगलवार की मध्यरात्रि को उपचार के दौरान सरिता सत्यपाल हातझाडे नामक महिला की मौत हो गई. हालांकि बारिश बंद होने से कीड़ों का प्रादुर्भाव तो कम हुआ है, लेकिन हर सप्ताह मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक पायी गई है.


बीमारी को लेकर पशु वैद्यकीय महाविद्यालय, स्वास्थ्य विभाग और केंद्र सरकार की टीम द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि घास में पाया जाने वाला कीड़ा चूहों के शरीर पर बैठने से पिस्सू तैयार कर रहा है. इससे वातावरण में फैल रहे पिस्सू की वजह से बीमारी बढ़ रही है. ग्रामीण भागों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलने से मेडिकल और मेयो में पहुंचने वाले मरीजों की हालत गंभीर हो रही है. यही वजह है कि उपचार के दौरान प्रतिसाद नहीं मिल रहा है. अब ठंड का मौसम शुरू होगा. इस हालत में स्वाइन फ्लू का भी प्रकोप बढ़ सकता है. डाक्टरों ने सतर्कता बरतने और जुकाम तथा अन्य शिकायत में डाक्टरी परामर्श के बिना दवाई का सेवन नहीं करने की सलाह दी है.