Published On : Tue, Apr 18th, 2017

जतन नहीं केवल सुझाव देती है हेरिटेज कमेटी


नागपुर:
18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस विश्व भर में धरोहरों को संजोने के लिए मनाया जाता है। इन धरोहरों के प्रति जागरुकता निर्णाण करने के लिए भी यह दिवस मनाया जाता है। नागपुर महानगर पालिका द्वारा हेरिटेज कंज़र्वेशन कमीटी की शुरवात की गई थी। जिसके लिए उन्हें शहर के सभी धरोहरों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए कहा गया था। पिछले 3 वर्षों से शहर की विरासतों के बारे में जानकारी देने का कार्य कमिटी की ओर से किया जा रहा है। लेकिन कोई सूचीबध्द विरासतों को संजोने या फिर दुरुस्त करने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालांकि समिति का कहना है कि उन्हें केवल सुझाव देने का अधिकार है। समिति की ओर से बताया गया कि हेरिटेज कंज़र्वेशन कमिटी नागपुर महानगर पालिका की नामांकित संस्था है न की अधिकारिक। जिसके कारण इस संस्था को विरासतों के जतन के लिए निधि मुहैय्या नहीं कराई जाती। बता दें कि पहला विश्व विरासत दिवस 18 अप्रैल 1982 को ट्यूनीशिया में इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ मोनुमेंट्स एंड साइट्स द्वारा मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र की संस्था युनेस्को (UNESCO) ने वर्ष 1983 में इसे मान्यता प्रदान की थी। हर साल 18 अप्रैल को विश्व स्मारक और पुरातत्व स्थल दिवस मनाया जाता है।

नागपुर की ऐतिहासिक विरासतें
नागपुर में ऐतिहासिक धरोहरों की फेहरिस्त में मंदिर, इमारत और किलों का समावेश है। इनकी संख्या लगभग 156 के करीब है। जिसमें सीए रोड का पोद्दारेश्वर राम मंदिर, चिटणवीसपुरा का मुरलीधर मंदिर, सिविल लाइन्स की हाईकोर्ट इमारत, क्रिमिनल कोर्ट, अलाहाबाद बैंक, विधानभवन, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया, इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस, रातुम नागपुर विश्वविद्यालय इमारत, मेसोनिक लॉज, पुलिस आयुक्त बंगले, फायर सर्विसमैन कॉलेज, आकाशवाणी भवन, नागपुर मध्यवर्ती संग्रहालय, जीरो माइल्स स्टोन, जनरल पोस्ट ऑफिस, जिलाधिकारी बंगले व अन्य का समावेश है.


नागपुर महानगर पालिका का उदासीन रवैय्या
इधर नागपुर महानगर पालिका की अधिकारिक वेबसािट में महानगर पालिका के तहत आनेवाले सभी विभागों के अधिकारियों के फ़ोन नंबर और मोबाइल नंबर दिए गए हैं। लेकिन हेरिटेज कमिटी की वेबसाइट में डॉक्यूमेंटेशन सेल की जानकारी दी गई है। इस वेबसाइट में विमन्स एजुकेशन सोसाइटी मनोरमाबाई मुंडले कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर की प्रिंसिपल डॉ.उज्वला चक्रदेव और सहयोगी प्राध्यापक नीता लांबे का नाम और मेल आईडी दी गई है। ताकि शहर के नागरिक अपने अपने सुझाव मेल द्वारा भेज सकें। लेकिन यह जानकारियां आम ना होने से नागरिक शिकायत करने पहुंच ही नहीं पाते। इस वेबसाइट में कमिटी के अध्यक्ष का भी कोई जिक्र नहीं किया गया है ना ही उनका कोई नाम ही दिया गया है। इस कमेटी में किसी का भी फ़ोन नंबर नहीं दिया गया है।

इस बारे में जब कमेटी सदस्य डॉ.उज्वला चक्रदेव ने बताया कि इस कमिटी के अध्यक्ष अरुण पाटणकर हैं। दो महीने में एक बार इस कमेटी की मीटिंग होती है। जिसमें अपने अपने सुझाव रखे जाते हैं। चक्रदेव ने बताया कि इस कमेटी में करीब 9 सदस्य हैं। लेकिन इससे ज्यादा जानकारी मांगे जाने पर वे हेरिटेज कंज़र्वेशन की जानकारी देने से वे बचती रहीं। हालांकि उन्होंने यह जरूर बताया कि हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी के कुछ सदस्य फिलहाल बाहर हैं, लिहाजा विश्व धरोहर दिवस पर मनपा द्वारा कार्यक्रम अपेक्षित था। इसके माध्यम से कमेटी की कामकाज की जानकारियां भी मिल सकती थीं। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जाहिर है शहर के धरोहरों की जतन राम भरोसे ही है।


पुरातत्व विभाग के पास 35 धरोहर

35 पुरातत्व धरोहरें भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन है। भारतीय पुरात्तव विभाग के अंतर्गत आनेवाले नागपुर में करीब 35 विरासतें है.नागपुर के पुरात्व विभाग नागपुर के अस्सिटेंट डायरेक्टर डॉ. विराग सोनटक्के ने बताया की नगरधन समेत रामटेक के समीप ही कई स्मारक और पुरास्थल है.जिसके सरंक्षण के लिए कई प्रयास किये जा रहे है. उन्होंने बताया की नागपुर शहर के विरासतों के सरंक्षण के लिए हेरिटेज कमिटी बनाई गयी है.







—शमानंद तायडे