
नागपुर टुडे – महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित खुर्सापार आरटीओ चेकपोस्ट पर गुरुवार को लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) साजन शालिग्रामजी शेंडे और उनके कथित निजी एजेंट को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी की इस कार्रवाई से परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है और सीमा जांच चौकियों पर होने वाली कथित अवैध वसूली एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।
एसीबी सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता एक ट्रक मालिक एवं चालक है। उसने शिकायत में बताया था कि महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित खुर्सापार आरटीओ चेकपोस्ट से ट्रक को प्रवेश देने के बदले 500 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायतकर्ता को दोबारा उसी मार्ग से ट्रक लेकर गुजरना था और उसे आशंका थी कि फिर से रिश्वत मांगी जाएगी। इसके चलते उसने 10 जून 2026 को एसीबी नागपुर कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की जांच में सामने आया रिश्वत का खेल
एसीबी ने शिकायत प्राप्त होते ही मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि चेकपोस्ट पर कार्यरत निजी एजेंट प्रवीण बाबुराव गायधने (50) ट्रक चालकों से प्रवेश दिलाने के नाम पर 500 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा काम मोटर वाहन निरीक्षक साजन शेंडे की जानकारी और संरक्षण में किया जा रहा था।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। गुरुवार को शिकायतकर्ता जब चेकपोस्ट पहुंचा तो एजेंट प्रवीण गायधने ने उससे 500 रुपये की रिश्वत स्वीकार कर ली। जैसे ही राशि का लेन-देन पूरा हुआ, पहले से तैनात एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
साजन शेंडे की भूमिका उजागर, अधिकारी भी हिरासत में
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि निजी एजेंट द्वारा की जा रही रिश्वत वसूली मोटर वाहन निरीक्षक साजन शेंडे के कथित प्रोत्साहन और संरक्षण में संचालित हो रही थी। इसी आधार पर एसीबी ने शेंडे को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
दोनों आरोपियों के खिलाफ केळवद पुलिस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(ए) एवं 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच एसीबी द्वारा की जा रही है।
सीमा चेकपोस्टों पर अवैध वसूली पर फिर उठे सवाल
एसीबी की इस कार्रवाई के बाद सीमा जांच चौकियों पर ट्रांसपोर्टरों से कथित रूप से की जाने वाली अवैध वसूली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि कई बार ट्रक चालकों को विभिन्न जांच चौकियों पर अनावश्यक रूप से रोका जाता है और सुविधा शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। ऐसे में एसीबी की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश मानी जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
यह ट्रैप कार्रवाई एसीबी नागपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर एवं विजय माहुलकर के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस उपाधीक्षक भारती गुरनुले के पर्यवेक्षण में पुलिस निरीक्षक मयूर चौरसिया ने ट्रैप अधिकारी के रूप में कार्रवाई को अंजाम दिया। एसीबी की विशेष टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एसीबी की नागरिकों से अपील
एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी, कर्मचारी अथवा उनके नाम पर कार्य करने वाला कोई निजी व्यक्ति वैध सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
खुर्सापार चेकपोस्ट पर हुई यह कार्रवाई नागपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की वर्ष 2026 की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है, जिसने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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