
नागपुर – शहर में पुरानी यानी पंजीकृत वाहनों की खरीद-बिक्री और एक्सचेंज का कारोबार करने वाले डीलरों पर अब आरटीओ ने शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। पुराने वाहनों के कारोबार को अधिक व्यवस्थित और नियमों के दायरे में लाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने डीलरों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया अनिवार्य किए जाने को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
आरटीओ के अनुसार, यदि कोई वाहन डीलर पंजीकृत पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री, बिक्री अथवा एक्सचेंज का व्यवसाय करता है, तो उसे इसके लिए आरटीओ कार्यालय में फॉर्म 29ए के तहत ‘डीलर ऑफ रजिस्टर्ड व्हीकल’ के प्राधिकरण के लिए आवेदन करना होगा। बिना निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए पुराने वाहनों का कारोबार करने वाले डीलरों पर अब कार्रवाई की जाएगी।
आवेदन के बाद होगी डीलर की जांच
आरटीओ कार्यालय में आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित वाहन डीलर की पात्रता और उसके कारोबार से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। इसके लिए मोटर वाहन निरीक्षक द्वारा निर्धारित जांच सूची तथा संबंधित अधिसूचना में दिए गए प्रावधानों के अनुसार स्थल निरीक्षण एवं दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
जांच के दौरान सभी निर्धारित शर्तें और नियम पूरे पाए जाने पर संबंधित डीलर की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। पात्र पाए जाने वाले डीलरों को इसके बाद फॉर्म 29बी में प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। यही प्रमाणपत्र पुराने पंजीकृत वाहनों के कारोबार के लिए आवश्यक माना जाएगा।
बिना प्रमाणपत्र कारोबार करने वालों पर कार्रवाई
आरटीओ ने स्पष्ट किया है कि जिन डीलरों के पास फॉर्म 29बी का वैध प्रमाणपत्र नहीं होगा और वे इसके बावजूद पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री अथवा एक्सचेंज का कारोबार करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ की इस कार्रवाई से शहर में बिना निर्धारित अनुमति के पुराने वाहनों का कारोबार करने वाले डीलरों में हड़कंप मचने की संभावना है। विभाग का उद्देश्य पुराने वाहनों के कारोबार में पारदर्शिता लाना और वाहनों के लेन-देन से जुड़ी प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत संचालित करना है।
डीलरों को नियमों का पालन करने की सलाह
आरटीओ ने पुराने वाहनों का कारोबार करने वाले सभी संबंधित डीलरों से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और निर्धारित प्रमाणपत्र प्राप्त करने की अपील की है। विभाग ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी कर कारोबार जारी रखने वालों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
इस कदम के बाद पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री और एक्सचेंज के कारोबार पर आरटीओ की निगरानी और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में विभाग द्वारा ऐसे डीलरों की जांच भी की जा सकती है, जो बिना निर्धारित प्राधिकरण के यह कारोबार कर रहे हैं।




