Published On : Fri, Sep 18th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

उदय नगर चौक हत्याकांड में 7 साल बाद आया फैसला

चाकू से वार कर जितेंद्र बडे की हत्या करने वाला प्रसाद रोकड़े दोषी, उम्रकैद और 25 हजार रुपए जुर्माना; छह आरोपियों को अदालत ने किया बरी
Advertisement

उदय नगर चौक हत्याकांड में 7 साल बाद आया फैसला

नागपुर – उदय नगर चौक में वर्ष 2019 में हुए बहुचर्चित जितेंद्र वासुदेव बडे हत्याकांड में जिला न्यायालय ने करीब सात साल बाद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी प्रसाद दशरथ रोकड़े (29) को हत्या का दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त तीन माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

मामले में आरोपी बनाए गए छह अन्य आरोपियों को अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में पर्याप्त सबूत नहीं पाए जाने पर बरी कर दिया। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.एच. ग्वालानी ने बुधवार को मामले में फैसला सुनाया।

गश्ती वाहन देखकर भागने से शुरू हुआ विवाद
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 28 अक्टूबर 2019 की रात करीब 12.10 बजे उदय नगर चौक स्थित रिंग रोड पर हुई थी। उस समय रितीक धनराज डेंगे, अभिजीत खरात और जितेंद्र वासुदेव बडे आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कुछ दूरी पर प्रसाद रोकड़े और उसके साथी मौजूद थे।

बताया गया कि इसी बीच पुलिस का गश्ती वाहन वहां से गुजरा। पुलिस वाहन को देखकर प्रसाद रोकड़े और उसके साथी वहां से भागने लगे। आरोप है कि उन्हें देखकर जितेंद्र बडे ने कथित तौर पर ताना मारा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।

Advertisement

साथियों के साथ मिलकर हमला करने का आरोप
अभियोजन के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद प्रसाद रोकड़े के साथ मौजूद अनिमेष कविंद्र तागड़े (19), रोहन संदीप राऊत (23), सुमित गजानन दहाने (21), अभिषेक सुरेश डोईफोडे (20), अर्चित नरेश भावे (23) और दीपक दिलीप चौधरी (21) ने शिकायतकर्ता और उसके साथियों के साथ मारपीट की।

इसी दौरान प्रसाद रोकड़े ने कथित तौर पर जितेंद्र बडे पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू के वार से जितेंद्र के बाएं हाथ और सीने पर गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र की बाद में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।

हुडकेश्वर पुलिस ने दर्ज किया था मामला
घटना के बाद रितीक धनराज डेंगे की शिकायत के आधार पर हुडकेश्वर पुलिस थाने में सातों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने हत्या सहित संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की।

मामले की जांच तत्कालीन महिला पुलिस निरीक्षक शुभांगी देशमुख ने की। जांच के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान तथा अन्य कानूनी पहलुओं को आधार बनाते हुए आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।

गवाह और साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी दोषी
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष गवाहों और विभिन्न साक्ष्यों को प्रस्तुत किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने प्रसाद रोकड़े को जितेंद्र बडे की हत्या का दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।

वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए अन्य छह आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष आरोपों को पर्याप्त रूप से साबित नहीं कर सका। इसके चलते अदालत ने अनिमेष तागड़े, रोहन राऊत, सुमित दहाने, अभिषेक डोईफोडे, अर्चित भावे और दीपक चौधरी को बरी कर दिया।

अदालत के फैसले से मामले का पटाक्षेप
उदय नगर चौक में देर रात हुए इस हत्याकांड ने उस समय पुलिस के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी थी। मामूली विवाद के बाद हुए हमले में एक युवक की जान चली गई थी। करीब सात वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने मुख्य आरोपी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि छह अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।

राज्य सरकार की ओर से मामले में एडवोकेट कल्पना पांडे ने पैरवी की। वहीं आरोपियों की ओर से एडवोकेट रमेश रावलानी और एडवोकेट जलतारे ने पक्ष रखा।

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.