नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के काफिले के गुजरने के दौरान नागपुर के आयचित मंदिर क्षेत्र में चाकूबाजी की घटना से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का डॉ. मोहन भागवत के काफिले या उनकी आवाजाही से कोई संबंध नहीं है। प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह डॉ. मोहन भागवत का काफिला आयचित मंदिर क्रॉस कर विमानतल की ओर निकल चुका था। इसी दौरान मंदिर के पास एक गली में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ। इस दौरान आकाश ढोमणे पर चाकू से हमला किया गया। हमले के बाद घायल आकाश और आरोपी गणेश वानखेड़े मुख्य सड़क की ओर आ गए, जिसके चलते कुछ समय के लिए वहां हलचल की स्थिति बन गई।
पुलिस के मुताबिक, घटना एक महिला से जुड़े पारिवारिक विवाद का परिणाम है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला पिछले करीब एक वर्ष से अपने पति गणेश वानखेड़े से अलग रह रही थी और अपने दो बच्चों के साथ आकाश ढोमणे के साथ रह रही थी। बच्चों की कस्टडी को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था।
बताया जा रहा है कि महिला का 13 वर्षीय बेटा शुक्रवार को घर से बिना बताए चला गया था। बाद में उसे भंडारा से खोजकर वापस लाया गया। इसके बाद बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद और बढ़ गया।
सोमवार सुबह गणेश वानखेड़े महिला के मायके के पास आयचित मंदिर क्षेत्र की गली में पहुंचा। इस दौरान दोनों पक्षों के रिश्तेदार भी वहां जमा हो गए। कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और आकाश ढोमणे पर चाकू से हमला कर दिया गया।
हमले में घायल आकाश को महिला एक्टिवा से मुख्य सड़क तक लेकर पहुंची। इसके बाद ऑटो से उसे अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी गणेश वानखेड़े को हिरासत में लिया। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस ने दोहराया है कि चाकूबाजी की घटना का डॉ. मोहन भागवत के काफिले से कोई संबंध नहीं है और दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं।




