Published On : Thu, Apr 9th, 2015

सारखणी : सेवानिवृत शिक्षक को बेरहमी से पिटा


सिंदखेड थाने के थानेदार की लापरवाही

मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर
थानेदार पर मामला दर्ज करने की मांग
माली समाज संघटना और ग्रामस्थो का थाने पर मोर्चा

Sarkhani teacher beaten  (1)
सारखणी (नांदेड)। मामूली कारण पर सेवानिवृत शिक्षक पुंडलीक पेटकुले और वच्छलाबाई भरकउ में दो माह पूर्व विवाद हुआ था. इस संदर्भ में शिकायतें भी की गई. छोटे से विवाद का रुपांतर बड़े झगडे में हुआ. 5 अप्रैल 2015 को शाम 6 बजे के करीब आरोपी वच्छलाबाई माधवराव भरकड ने अपने रिश्तेदारों को विवाद के बारे में बताया. जिससे सेवानिवृत्त शिक्षक पुंडलीक पेटकुले (65) को तीन आरोपींयो ने लोहे के पाईप और धारदार अवजारों से दोनों हांथ-पैरों पर तथा सर पर मारकर गंभीर जख्मी किया. इसमें शिक्षक के दोनों पैर फॅक्‍चर और हाथ भी फॅक्‍चर हुए. सर पर जबरदस्त मार लगने से उन्हें पुसद में उपचार के लिए रेफर किया गया.
Sarkhani teacher beaten  (2)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरयादी कोमल अमोल पेटकुले ने शिकायत दर्ज करने के बाद चार दिन बित गए. फिर भी मुख्‍य आरोपी को गिरफ्तार नही किया गया. आरोंपीयों को सिंदखेड पुलिस थाने के फौजदार प्रवीन दिनकर ने मदद की है. इस संदर्भ में ग्रामस्थों का गुस्सा और माली समाज संघटना ने 8 अप्रैल को सिंदखेड पुलिस थाने पर समाज का मोर्चा निकाला. समाज पर हुए अन्याय पर मुख्‍य आरोपी तथा यहां के थानेदार प्रवीन दिनकर समेत मुख्य आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करें, तथा उनके खिलाफ भादंवि की धारा 307 के तहत मामला दर्ज करे ऐसा ज्ञापन अमोल पुंडलीक पेटकुलु और माली समाज संघटना की ओर दिया गया है तथा सिंदखेड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गई.

इस संदर्भ में समाज संघटना का गुस्सा देखकर उपविभागीय पुलिस अधीकारी द्रताञ्य कांबले अपने सहकारियों समेत सिंदखेड पुलिस थाने पहुंचे. वहां समाज बंधुओ को समझाकर शांत किया गया. उन्होंने घटना की जांच करके अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई करेंगे ऐसा आश्‍वासन दिया. लेकिन पुलिस तो पुलिस को बचाएंगे या सही जांच करेंगे? ऐसा प्रश्‍न ग्रामस्थों में उपस्थित हो रहा है. इस घटना की ओर सभी का ध्यान लगा पड़ा है. इस घटना से परिसर में दहशत का वातावरण निर्माण हुआ है.