Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Fri, Nov 17th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    तिकड़ी ने बचाया हरीश राऊत का निलंबन

    NMC Nagpur
    नागपुर: मनपा की आर्थिक तंगी के दौर में वार्ड अधिकारी की लापरवाहियों पर पर्दा डालने के लिए एक बार फिर सत्ताधारियों ने अपने वजूद का इस्तेमाल कर उन्हें न सिर्फ निलंबन की कार्रवाई से बचाया बल्कि यह भी सिद्ध किया कि मनपा में अधिकारियों के लिए सफेदपोश कितने एकजुट हैं। इतने प्रयास अगर मनपा के आयश्रोतों को बढ़ाने के लिए किया गया होता तो शहर की जनता वार्ड अधिकारी को बचाने वाले सत्ताधारी तिकड़ी को सर आंखों पर बिठा चुकी होती।

    मनपा आर्थिक मामले में कितनी सक्षम है, यह मनपा से जुड़े प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष के साथ शहरवासियों को भली-भांति पता है। लगभग प्रत्येक माह पेंशन, वेतन खर्च, प्रशासकीय ख़र्चे के साथ ठेकेदारों के भुगतान करने में पसीने छूट रहे हैं। ठेकेदारी प्रथा पर तैनात कर्मी व अधिकारियों को २-३ माह से वेतन तक नहीं दिया गया। ऐसे में विकासकार्य ठप्प से पड़े हुए हैं। विगत दिनों मुख्यमंत्री ने भी मनपा के अधिकारी-पदाधिकारियों की अहम् बैठक में दो टूक कह दिया था कि अनुदान पर आश्रित रहने के बजाय मनपा खुद के आय स्त्रोत तैयार कर मनपा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करे।

    दूसरी ओर स्थाई समिति सभापति संदीप जाधव ने अभय योजना के तहत एक ओर बकायेदार नागरिकों को संपत्ति कर एकमुश्त भर के लिए ब्याज से मुक्ति पाने का अवसर दिया था तो दूसरी ओर प्रशासन को भी बकाया वसूली के लिए पूरी ताकत झोंकने का आदेश दिया था। इस अभइयान को न तो बकायेदारों और न ही मनपा प्रशासन ने गंभीरता से लिया। नतीजा अभय योजना ‘फ्लॉप शो’ साबित हुई। इससे नाराज स्थाई समिति अध्यक्ष जाधव ने गत स्थाई समिति की बैठक में अधिकारियों की जमकर खिंचाई की थी। जाधव की पहल पर बकायेदारों की संपत्ति नीलामी के लिए क़ानूनी प्रक्रिया प्रशासन ने पूरी कर पहले चरण में ९६० बकायेदारों की संपत्ति नीलम करने की प्रक्रिया न सिर्फ पूरी कर ली बल्कि जरूरत के अनुसार खर्चे भी किए।

    इतिहास में पहली बार इस मुहाने पर पहुंची मनपा को नीलामी के ठीक एक दिन पूर्व मंगलवारी ज़ोन के विवादास्पद वार्ड अधिकारी हरीश राऊत ने प्रशासन व पदाधिकारियों के मंसूबे के साथ गुगली खेल ७ सम्पत्तियों की नीलामी प्रक्रिया रद्द कर दी। इस करतूत से झल्लाए अतिरिक्त मनपायुक्त रवींद्र कुंभारे ने हरीश राऊत को कारण बताओ नोटिस जारी कर और इसके सहयोगी अधिकारी रविंद्र देवतले पर नाराजगी व्यक्त की।

    प्रशासन ने देवतले को बचाते हुए राऊत से ५० हजार रुपए वसूलने व २ वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए। आज जब प्रशासन राऊत को घर बैठाने की ताक में कदम आगे बढ़ा ही रहे थे कि सत्तापक्ष के वरिष्ठ तिकड़ी जो प्रशासन के हितैषी कहे जाते हैं, उन्होंने अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर राऊत के निलंबन को विभागीय जांच में तब्दील करवा दिया, विभागीय जांच की घोषणा स्थाई समिति सभापति जाधव ने की। उनके अनुसार जांच के लिए आयुक्त समिति गठित कर जांच कर आगे की कार्रवाई निश्चित करेंगे।

    उल्लेखनीय यह हैं कि मनपा में शुरुआत से वार्ड अधिकारियों की लॉबी सबसे मजबूत रही है, इनके आगे प्रशासन और पदाधिकारियों को हमेशा नतमस्तक होते देखा गया है।


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145