
नागपुर: नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। भाजपा ने इस सीट से सुधाकर कोहळे को अपना उम्मीदवार बनाया है, लेकिन पार्टी के पूर्व विधायक अनिल सोले ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।
अनिल सोले की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण मंगलवार को उनके घर पहुंचे। हालांकि, चव्हाण के पहुंचने के बावजूद सोले घर पर मौजूद नहीं थे। इतना ही नहीं, अनिल सोले का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बताया जा रहा है।
सोले परिवार ने जताई नाराजगी
रविंद्र चव्हाण के सोले के घर पहुंचने के दौरान विधायक कृष्णा खोपड़े और पोतदार भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान सोले परिवार ने भी अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की और पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखी।
भाजपा नेतृत्व की कोशिश है कि अनिल सोले को मनाकर उन्हें पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव मैदान से हटाया जाए। लेकिन जिस तरह सोले ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है, उससे मामला अब केवल नाराजगी तक सीमित नहीं रह गया है।
फोन स्विच ऑफ, भाजपा के सामने बड़ा सवाल
अनिल सोले से संपर्क करने की कोशिशों के बीच उनका फोन स्विच ऑफ बताया जा रहा है। ऐसे में अब भाजपा के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी नेतृत्व सोले को किस तरह मनाएगा।
नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र में टिकट को लेकर शुरू हुई नाराजगी अब निर्दलीय नामांकन तक पहुंच चुकी है। ऐसे में सोले का अगला कदम भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
-पारस बैसवारे



