नागपुर: केंद्रीय विद्यालय में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब कक्षा चलने के दौरान विद्यार्थियों ने खिड़की के पास एक विशाल सांप को देखा। सांप नजर आते ही बच्चों में घबराहट फैल गई। विद्यार्थियों ने तुरंत इसकी जानकारी शिक्षक को दी।
शिक्षक ने खिड़की के पास जाकर देखा तो वहां बड़ा सांप मौजूद था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने बिना जोखिम उठाए तत्काल सर्पमित्र आकाश मेश्राम से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही आकाश मेश्राम स्कूल पहुंचे।
रसेल वाइपर की हुई पहचान
मौके पर पहुंचने के बाद सर्पमित्र ने सावधानीपूर्वक सांप को देखा और उसकी पहचान रसेल वाइपर (Russell’s Viper) के रूप में की। यह बेहद विषैला सांप माना जाता है। सांप के कक्षा के बेहद करीब होने के कारण स्कूल के विद्यार्थियों और स्टाफ में चिंता का माहौल था।
आकाश मेश्राम ने विशेष सावधानी बरतते हुए सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। इसके बाद उसे स्कूल परिसर से दूर उसके प्राकृतिक अधिवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। सांप के रेस्क्यू के बाद स्कूल प्रशासन, शिक्षक और विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली।
बच्चों की समझदारी से टला खतरा
बताया जा रहा है कि यदि समय रहते विद्यार्थियों की नजर सांप पर नहीं पड़ती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हालांकि, बच्चों ने समझदारी दिखाते हुए सांप के पास जाने या उसे पकड़ने का प्रयास नहीं किया और तुरंत शिक्षक को इसकी जानकारी दी।
स्कूल प्रशासन ने भी विद्यार्थियों से अपील की कि परिसर में सांप या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर उसे खुद पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत शिक्षक, स्कूल प्रशासन या संबंधित विशेषज्ञ को सूचना दें।
सर्पमित्र की सतर्कता से सुरक्षित रेस्क्यू
स्कूल परिसर में रसेल वाइपर जैसे विषैले सांप का पहुंचना चिंता का विषय था। लेकिन विद्यार्थियों की सजगता, शिक्षक की तत्परता और सर्पमित्र आकाश मेश्राम की समय पर पहुंच से संभावित खतरा टल गया। सांप को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक अधिवास में छोड़ दिया गया।



