
नागपुर – नागपुर शहर की लगातार बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरीकरण के बीच भी वन्यजीवों की मौजूदगी लगातार सामने आ रही है। शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में सांपों का दिखाई देना अब कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब कोई दुर्लभ प्रजाति का सांप रिहायशी इलाके में नजर आए तो लोगों की उत्सुकता बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक मामला मनीष नगर क्षेत्र में सामने आया, जहां एक घर के कंपाउंड में पेड़ पर लिपटा हुआ दुर्लभ फॉस्टेन कैट स्नेक दिखाई दिया। सांप को देखते ही इलाके में कुछ देर के लिए कौतूहल और हलचल का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, मनीष नगर के पद्मावती नगर टी-प्वाइंट स्थित शरद दामले के घर के कंपाउंड में शाम करीब 4 बजे लोगों की नजर पेड़ पर पड़ी। पेड़ की शाखा से लिपटा हुआ भूरे रंग का एक बड़ा सांप दिखाई दे रहा था। सांप की बनावट और रंग सामान्य तौर पर इलाके में दिखाई देने वाले सांपों से अलग नजर आ रहे थे। इसे देखने के बाद घर के लोगों और आसपास के नागरिकों में उत्सुकता पैदा हो गई। कई लोगों ने दूर से सांप को देखने की कोशिश की, लेकिन उसकी सही प्रजाति को लेकर किसी को जानकारी नहीं थी।
पहले कभी नहीं देखा था ऐसा सांप
घर के परिसर में मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने इस तरह का सांप पहले कभी नहीं देखा था। सांप पेड़ पर काफी ऊंचाई पर लिपटा हुआ था और शांत अवस्था में था। किसी भी तरह की अफरा-तफरी या उसे छेड़ने से स्थिति बिगड़ सकती थी। इसलिए लोगों ने खुद सांप को पकड़ने की कोशिश करने के बजाय इसकी जानकारी सर्पमित्र को देने का फैसला किया।
इसके बाद हेल्प फॉर एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन के सर्पमित्र आशीष राहेकवाड़ को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही आशीष राहेकवाड़ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले सांप की गतिविधियों का निरीक्षण किया और उसके बाद उसकी पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की।
वन्यजीव विशेषज्ञ को भेजी तस्वीर
सांप की प्रजाति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर सर्पमित्र आशीष राहेकवाड़ ने सांप की तस्वीर खींचकर वन्यजीव विशेषज्ञ स्वप्निल बोधाने को भेजी। तस्वीर का निरीक्षण करने के बाद उसकी पहचान फॉस्टेन कैट स्नेक के रूप में की गई।
दुर्लभ प्रजाति के इस सांप की पहचान होने के बाद सर्पमित्र ने बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पेड़ पर मौजूद सांप को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे और आसपास के लोगों को भी खतरा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। काफी सावधानी से सांप को पेड़ से नीचे उतारकर सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया।
रिहायशी इलाके में वन्यजीवों की मौजूदगी फिर चर्चा में
मनीष नगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में दुर्लभ फॉस्टेन कैट स्नेक के मिलने से एक बार फिर शहर और उसके आसपास मौजूद जैव विविधता चर्चा में आ गई है। नागपुर में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बावजूद कई स्थानों पर पेड़-पौधों और प्राकृतिक अधिवास के छोटे-छोटे हिस्से मौजूद हैं। इन्हीं क्षेत्रों में रहने वाले वन्यजीव कई बार भोजन या सुरक्षित स्थान की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर पहुंच जाते हैं।
सर्पमित्रों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र में सांप दिखाई देने पर घबराने या उसे मारने की कोशिश करने के बजाय तुरंत प्रशिक्षित सर्पमित्र या संबंधित वन्यजीव बचाव दल से संपर्क करना चाहिए। सांप को खुद पकड़ने या उसके साथ छेड़छाड़ करने से इंसान और वन्यजीव दोनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
मनीष नगर में मिले इस दुर्लभ सांप का सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली। साथ ही, दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी सामने आने से वन्यजीव प्रेमियों में भी उत्सुकता देखी गई।




