
नागपुर – निर्मल उज्ज्वल क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संस्थापक प्रमोद मानमोडे ने अपने खिलाफ शुरू की गई आपराधिक अवमानना की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस संबंध में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल किए जाने की जानकारी बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ को दी गई। हालांकि, एसएलपी अभी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है।
प्रणाली रवींद्र पुट्टेवार की ओर से दायर अवमानना याचिका पर बुधवार को न्यायमूर्ति अनिल पानसरे और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मानमोडे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अविनाश गुप्ता ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है।
इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल एसएलपी दाखिल होने से उसके आदेश पर रोक नहीं लगती। जब तक सुप्रीम कोर्ट की ओर से किसी प्रकार की स्थगन राहत अथवा अन्य आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक हाईकोर्ट का अवमानना संबंधी आदेश प्रभावी रहेगा।
पांच लाख का जुर्माना, आपराधिक अवमानना की कार्रवाई के निर्देश
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने पूर्व सुनवाई के दौरान प्रमोद मानमोडे पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके साथ ही न्यायिक प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ अलग से आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए थे।
अब मानमोडे ने इसी कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी पर अभी सुनवाई नहीं हुई है और न ही हाईकोर्ट के आदेश पर कोई रोक लगाई गई है।
मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। उस समय तक सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी की स्थिति भी महत्वपूर्ण रहेगी।




