Published On : Thu, Sep 6th, 2018

यात्रियों की जान और रेल संपत्ति बचानेवाले कर्मचारियों को रेलवे ने किया पुरस्कृत

नागपुर: जुन्नारदेव से गुड्स लोको पायलट आर.एस. गणवीर ने लोको क्रमांक 12988 गाड़ी संख्‍या एनसीडब्‍ल्‍यु/पी पर हिरदागढ़ – नंदनवाशरी सार्इडिंग पर कार्य के दौरान ट्रैक पर गिरे भूस्खलन का मलबा पाते ही तुरंत गाड़ी को रोक कर इसकी सूचना उप स्‍टेशन प्रबंधक जुन्‍नारदेव को दी. जिससे रेल संपत्‍ती का नुकसान होने से बच गया. लिहाजा गणवीर की सतर्कता को लेकर उन्हें वैयक्तिक पुरस्‍कार दिया गया.

दूसरी घटना दिनांक 09/08/2018 को लोको पायलट बल्‍लारशाह विलास वाद्पल्‍लीवार ने गाड़ी क्रमांक एन पारस का जीडीआर करते समय वैगन क्रमांक एसईसी 62209 के साईड लोड बेयरर में अधिक गैप पायी. इसकी सूचना तुरंत खंड निरीक्षक को दी, जिससे वैगन को चंद्रपुर में सुरक्षित अलग किया गया. इससे संभावित दूर्घटना को टाला जा सका. लोको पायलट बल्‍लारशाह की सतर्कता तत्‍परता एवं संरक्षा पूर्वक कार्य के लिए विलास वाद्पल्‍लीवार को भी सम्मानित किया गया.

इसी तरह 29 जुलाई 2018 को लोको पायलट बल्‍लारशाह टी श्रीधरबाबु ने गाड़ी क्रमांक बीसीएन – ई पर कार्य करते समय देखा कि दूसरी गाड़ी संख्‍या एचझेडएल जो घुग्‍गुस से तडाली यार्ड में जा रही थी, उसके वैगन क्रमांक 22101170116 पर हॉट एक्‍सल पाया इसकी सूचना तुरंत वॉकी –टॉकी पर अपने संबंधित अधिकारी को दी. लोको पायलट की सजगता एवं सतर्कता से इस घटना को टाला जा सका.

दिनांक 07 अगस्त 2018 को टेक्निशियन ट्रीप शेड/अजनी श्री रमेश संतोष ने लोको क्रमांक 31929/बीआईए के निरीक्षण के दौरान व्‍हील क्रमांक 5 के पास का टीबीयु में ब्रेक हैंगर टॉप साइड से पिन होल के पास क्रेक पाया. इन्‍होने उसे तुरंत रिपोर्ट किया जिससे उसे तुरंत बदला जा सका. जिससे ऑन लाईन फेल्‍युअर बचाया जा सका. टेक्निशियन की सजगता एवं सफलतापूर्वक कार्य संपादन के लिए इनका सम्मान भी किया गया. दिनांक 07/08/2018 को टेक्निशियन / ट्रीप शेड/अजनी महेश देशमुख ने लोको क्रमांक 21954/केवायएन के निरीक्षण के दौरान व्‍हील क्रमांक 3 के पास का हैंगर पिन का लॉकिंग बोल्‍ट नट के न रहने की वजह से बाहर आ गया था तथा व्‍हील क्रमांक 10 का भी हैंगर पिन का लॉकिंग बोल्‍ट गिरने की अवस्‍था में पाया. उसे तुरंत दूरूस्‍त किया गया. जिससे ऑन लाईन फेल्‍युअर बचाया जा सका. टेक्निशियन की सजगता एवं सफलतापूर्वक कार्य संपादन के लिए महेश देशमुख को भी सम्मानित किया गया.

इस के साथ ही अन्य कर्मचारियों को भी अपनी सूझबूझ और सतर्कता के लिए पुरस्कार दिया गया.