Published On : Wed, Mar 13th, 2019

623 दिनों से रेलवे स्टेशन है वेंडर फ्री- ज्योतिकुमार सतीजा

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नागपूर मंडल सुरक्षा आयुक्त का लख़नऊ में हुआ तबादला

नागपूर: पिछले 4 साल में नागपुर आरपीएफ ने गुडवर्क्स के तहत 3231 केसेस हैंडल किए है. नागपूर आरपीएफ की कोशिश रही है कि जवानो को मोटीवेट किया जाए.आरपीएफ के जवानों को 300 से ज्यादा अवार्ड्स और प्रमाणपत्र मिले है. पिछले 4 वर्षो में 1072 बच्चे को रेस्क्यू किया है. टीम को अच्छा काम करने के लिए उनका माइंडसेट किया गया है. 4 सालो में 1.4 करोड़ रुपए के गांजे के 52 केसेस पकडे है, शराब के 1.5 करोड़ के 850 केसेस पकडे है. ई-टिकट्स के कालाबाजारी के 80 केसेस, और ज्वेलरी और कॅश की 7 केसेस पकडे है. 264 केसेस में यात्रियों के मोबाइल और उनके सामानो को लौटाया गया है. यह कहना है नागपूर आरपीएफ के मंडल सुरक्षा आयुक्त ज्योतिकुमार सतीजा का.

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वे आरपीएफ में आयोजित पत्र परिषद् में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे. सतीजा पिछले चार साल से नागपूर में आरपीएफ के मंडल सुरक्षा आयुक्त के पद पर तैनात थे. अभी उनका तबादला लखनऊ में डीआईजी के तौर पर हुआ है. जिसके बारे में और पिछले चार वर्षो में किए गए कामों को लेकर उन्होंने जानकारी दी. अभी यह जिम्मेदारी आशुतोष पाण्डेय संभालेंगे. उन्होंने बताया की फारेस्ट और वाइल्डलाइफ के भी इसमें 5 केसेस शामिल है. उन्होंने कहा की 623 दिनों से नागपूर रेलवे स्टेशन वेंडर फ्री है. यह अपने आप में बड़ी बात है. रेलवे स्टेशन में कई इल्लीगल एंट्रीज को बंद किया गया है.

स्टेशन के प्रांगण में राष्ट्रीय ध्वज का रोजाना सम्मान किया जाता है. यात्रियों के साथ भी संपर्क बनाने के लिए कई उपक्रम किए गए है. बच्चों के लिए भी कार्यक्रम किए गए थे. आरपीएफ की ओर से ‘ नो हॉर्न ‘ नागरिकों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से किया गया था. .

उन्होंने कहा कि महिलाओ की सुरक्षा को लेकर केवल महिला आरपीएफ और अन्य महिलाओ के लिए भी तीन व्हाट्सप्प ग्रुप बनाएं गए थे. सतीजा ने बताया कि पर्यावरण को लेकर भी आरपीएफ की टीम सजग रही है. ग्रीन पोस्ट भी बनाएं गए है. कैंसर मरीजों के लिए हर शनिवार को मुफ्त में आरपीएफ की ओर से खाना दिया जाता है. लगभग 50 आरपीएफ के लोग अपना अंगदान करेंगे. वर्धा, आमला और घोड़ाडोंगरी तंबाकू फ्री बनाया गया है. यात्रियों से फीडबैक भी लिए गए है.

अपने बारे में सतीजा ने बात करते हुए कहा की वे उन्होंने कानपूर आईआईटी से बीटेक सिविल इंजीनियरिंग किया था. उसके बाद वे 1998 में रेलवे में ज्वाइन हुए. उन्होंने देश के कई शहरो में अपनी सेवाएं दी है. नागपूर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा की यहाँ के लोग काफी मिलनसार है. सतीजा को भी कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है.

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