Published On : Wed, Jun 20th, 2018

राहुल गाँधी को नोटिस भेजना निंदनीय – अशोक चव्हाण

नागपुर: महाराष्ट्र के जलगांव में मातंग समाज के बच्चों के साथ की गई मारपीट का सोशल मीडिया में अपलोड करने के कारण राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को नोटिस भेजा है। आयोग द्वारा नोटिस भेजे जाने की घटना को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक चव्हाण ने राजनीति से प्रेरित क़रार दिया है।

उनका कहना है बच्चों के साथ मारपीट का ये वीडिओ न्यूज़ चैनल्स के माध्यम से पहले ही प्रसारित किया जा चुका था। राहुल गाँधी का वीडिओ ट्विटर पर पोस्ट करने का मकसद घटना की निंदा करना और कार्रवाई की माँग करना था। महराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य में इस बात के लिए नोटिस भेजने की घटना निंदनीय है।

देखे क्या कहाँ अशोक चव्हाण ने

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नोटिस भेजने को लेकर जो कारण स्पस्ट किया है उसमे बताया गया है की जामनेर के वाकडी गाँव में हुई इस घटना के चारों आरोपियों पर “पॉक्सो” कानून के तहत कार्रवाई करते हुए एट्रोसिटी का मामला दर्ज किया गया है। उनकी गिरफ़्तारी भी हो चुकी है।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नियम की कलम 74 के तहत किसी भी पीड़ित की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इसके अलावा कलम 23 के अंतर्गत वीडिओ और फ़ोटो भी प्रसारित नहीं किया जा सकता है।