Published On : Wed, Jun 30th, 2021

STORE में वर्षों से चल रही खरीदी,वितरण सह भुगतान में धांधली

– सामान्य प्रशासन विभाग प्रमुख की शह पर जिम्मेदार कर्मी डुमरे एक ही पद पर वर्षो से कुंडली मार बैठा हैं और आपूर्तिकर्ताओं पर धौस जमाते हुए खरीदी सह भुगतान मामले में मनमानी कर रहा,इसकी अनगिनत बार शिकायत के बावजूद सम्बंधित अधिकारी न STORE के रिकॉर्ड की जाँच हो रही और न ही वितरण मामले की,डुमरे की हरकत से मनपा में जमे आपूर्तिकर्ताओं में असंतोष हैं

नागपुर – नागपुर महानगरपालिका में कार्यालयीन कामकाज वस्तुओं की खरीदी सामान्य प्रशासन विभाग(GAD) द्वारा की जाती हैं,इस विभाग में वर्षों से हेराफेरी होने की खबर हैं.जिस पर निगरानी न होने से प्रत्येक वर्ष खरीदी,वितरण सह भुगतान में बड़ी धांधली होने की जानकारी मिली हैं,इस सन्दर्भ में विभाग RTI के तहत मांगी गई जानकारी देने में आनाकानी कर रहा.इस मामले को विभाग प्रमुख के ध्यान में लाने के बावजूद STORE के मुखिया डुमरे को संरक्षण देकर हो रही धांधली को हवा दी जा रही.

याद रहे कि RTI कार्यकर्ता ने GAD में एक RTI डाल पिछले 5 सालों में स्टोर के तहत की जाने वाली खरीदी,इसके आपूर्तिकर्ता और इसके लाभार्थियों की जानकारी मांगी थी.इसकी जानकारी देने के बजाय अपील पीरियड में जाने के कुछ दिन पूर्व आवेदन वापिस लेने और इसके बदले में मुलाकात सह 25000 रूपए देने की गुजारिश की गई.RTI के तहत दी गई जानकारी में व्यक्तिगत मांग को छिपाते हुए उनके सम्बंधित विभागों के नाम खपत का ब्यौरा दिया गया.जबकि आये दिन स्टोर में कॉल करके मनपा से सम्बंधित घाघ मनपा सामग्री का लाभ उठा रहे,सम्बंधित ठेकेदारों से सामान कुछ और भुगतान कुछ किया जा रहा,तभी तो RTI कार्यकर्ता को 25000 का ऑफर दिया गया. क्या मामला दबाने के लिए STORE के प्रमुख खुद की जेब से 25000 खर्च करने वाले थे ?

इसकी शिकायत GAD प्रमुख से की गई लेकिन उन्होंने इसे तरजीह देने के बजाय मांगी गई जानकारी जितनी हैं,उतनी देने का निर्देश देकर मामले को दबा दिया।उसके बाद आजतक पूर्ण जानकारी सह निरिक्षण करने नहीं दिया गया.

GAD अंतर्गत कार्यालयीन सामग्री के आपूर्तिकर्ता गांधी,पनपालिया,कोलबा आदि पिछले कई वर्षो से मनपा के नियमित आपूर्तिकर्ता हैं.इनके द्वारा मांग के अनुरूप पूर्ण सामग्री नहीं ली जाती।न ही व्यक्तिगत वितरण का कोई हिसाब-किताब दर्शाया जाता,डुमरे के परिचित उनके मौखिक मांग पर सामग्री दे देते और बाद में उसे किसी न किसी विभाग के नाम मढ़ देते रहे हैं.जब भुगतान की बारी आती हैं तो मनमाफिक बिल बनवाया जाता और भुगतान करवाने में मदद की जाती,इसके बाद अपना कमीशन लेकर आपूर्तिकर्ताओं को संरक्षण दिया जाता।इसके अलावा GAD समय समय पर आपूर्तिकर्ताओं से अवैध मांग कर उन्हें परेशां करने में कोई कसर नहीं छोड़ता।

उक्त धांधली पिछले एक दशक से ज्यादा समय से हो रही,इसकी भली-भांति जानकारी विभाग प्रमुख को होने के बावजूद उनका नज़रअंदाज करना,डुमरे जैसे कर्मियों को बढ़ावा दे रहा.इन प्रकरणों की नियमित शिकायतें आयुक्त सह अतिरिक्त आयुक्तों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मिलते रहती लेकिन उनकी भी जुबां बंद रहने से नाना प्रकार से सवाल खड़े कर रहे.


समय रहते विभाग प्रमुख ने RTI कार्यकर्ता को नहीं दी,डुमरे का अन्यत्र तबादला नहीं किया तो STORE में धांधली सर चढ़ के बोलना शुरू कर देगी।
उक्त मामले को लेकर जल्द ही ‘एमओडीआई फाउंडेशन’ का शिष्टमंडल नगर विकास मंत्री से मुलाकात कर विभाग प्रमुख और STORE प्रमुख के अधीनस्त STORE के खरीदी,वितरण और भुगतान मामले की जाँच सह दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेगा।