Published On : Tue, Oct 7th, 2014

खास मुलाकात – ‘मेरे काम को वोट देगी जनता’ : डॉ. नितिन राऊत


11 (3)
नागपुर।
महाराष्ट्र के रोजगार गारंटी एवं जल संवर्धन मंत्री और उत्तर नागपुर से कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. नितिन राऊत मानते हैं कि अपनी साफ सुथरी छवि और अपने क्षेत्र में किया गए काम ही उनकी पूंजी हैं. डॉ. राऊत मानते हैं कि लोग उन्हें उनके काम से जानते हैं, इसलिए वे निश्चित रूप से उन्हें वोट देंगे. 

नागपुर टुडे को दिए एक विशेष साक्षात्कार में डॉ. राऊत ने अपनी पार्टी समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की –

राज्य में कांग्रेस पार्टी अपनी छवि मजबूत करने के लिए क्या उपाय कर रही है?
पार्टी पहले ही राज्य में सक्रिय हो चुकी है और जनता में यह संदेश दिया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली हमेशा स्पष्ट रही है. कांग्रेस हमेशा ही जन हितैषी रही है और रहेगी. हमने हमेशा ही लोगों कि जरूरतों का ख्याल रखा है.

आपने हाल ही में बयान दिया था कि आप पृथक विदर्भ के पक्ष में हैं. इस मुद्दे पर आपकी क्या राय है?
मैं हमेशा ही पृथक विदर्भ के पक्ष में रहा हूं. मेरा मानना है कि इस क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब इसे एक अलग पहचान मिलेगी. इतिहास गवाह है कि छोटे राज्यों ने किस तरह विकास किया है. हालांकि इसे राज्य का दर्जा देना केन्द्र सरकार के हाथों में है लेकिन भाजपा पहले ही यह वादा कर चुकी है कि विदर्भ को अलग राज्य का दर्जा दिया जाएगा. लोक सभा चुनाव के दौरान भाजपा ने इसी वादे के साथ क्षेत्र के लोगों से वोट मांगे थे और अब भी वे इसी मुद्दे पर वोट मांग रहे हैं. इसलिए अब यह भाजपा का नैतिक कर्तव्य है कि वह विदर्भ को एक अलग राज्य बनाए. यदि भाजपा नेता संसद में विदर्भ को राज्य बनाने की मांग करते हैं तो हम निश्चित रूप से इसका समर्थन करेंगे और इसकी घोषणा करेंगे.

राज्य के रोजगार गारंटी मंत्री के रूप में आपका क्या योगदान रहा?
जब मैंने इस विभाग का कार्यभार संभाला था तब इस विभाग का कुल व्यय 342 करोड़ रुपए था. अब यह व्यय बढ़कर 2000 करोड़ रुपए हो गया है. इससे विकास कार्यों का आकलन सहज ही लगाया जा सकता है.

पिछले ५ वर्षों में आपकी क्या उपलब्धियां रहीं?
मैंने नागपुर शहर में खेल, संस्कृति और धर्म के क्षेत्रों में अनेक विकास परियोजनाओं में योगदान दिया है. मैं जरूरतमंदों की पहुंच में हूं और क्षेत्र के सभी धार्मिक कार्यों में भी सहकार्य किया है. क्षेत्र में मेरी उपस्थिति और बेदाग छवि के साथ-साथ मेरा काम ही मेरी असली ताकत है. जहां कुछ उम्मीदवार विशेष धर्म से जुड़े होते हैं, डॉ. नितिन राऊत का रुझान सभी समुदाय एवं धर्मों की ओर समान रूप से है. भारत का संविधान कहता है कि चुनाव के दौरान उम्मीदवार किसी विशेष समुदाय का हो सकता है लेकिन चुनाव के बाद उसे पूरी जनता का हो जाना चाहिए.

इस बार नए वोटरों की संख्या में इजाफा हुआ है. उन सभी वोटरों तक पहुंच बनाने के लिए आपने क्या विशेष प्रयोजन किए हैं?
हम सोशल मीडिया के माध्यम से अपने क्षेत्र के सभी युवाओं तक पहुंच बना रहे हैं. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हम उन्हें सुने ताकि हम उनकी मांगों को पूरा करने की कोशिश कर सकें.

महिला वोटरों तक अपनी बात कैसे पहुंचा रहे हैं?
अनेक महिला कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चला रही हैं. मुझे यकीन है कि मुझे इसका लाभ अवश्य मिलेगा.

उम्रदराज एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्या योजनाएं हैं ?
हमने पहले ही अनेक उद्यान बनाए हैं जहां ये सारे बुजुर्ग प्राकृतिक वातावरण में एक दूसरे से मिल सकते हैं. मैंने डेढ़ करोड़ रुपए पहले ही स्वीकृत कर दिए हैं और वरिष्ठ नागरिक केन्द्र का कार्य भी शुरू हो चुका है. यह केन्द्र सहयोग नगर में बनाया जा रहा है. इस केन्द्र में सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

आपने पूर्व में झुग्गी बस्तियों में रहने वालों के लिए काफी मकान बनवाए हैं, लेकिन फिर भी कई लोग आज भी टूटे फूटे झोपडों में रह रहे हैं. ऐसे लोगों के लिए क्या योजनाएं हैं?
एक ही चरण में सारे काम नहीं हो सकते है. हम अलग-अलग चरणों में उनके लिए झोप‹िडयां और मकान बना रहे हैं. ऐसा इसलिए भी हो रहा है क्योंकि केन्द्र सरकार भी एक बार में सारी निधि नहीं देती है.

-सैमुअल गुनाशेखरन