Published On : Fri, Nov 27th, 2020

बाढ़ से खेती में जमा रेती के नाम अवैध खुदाई पर लगे रोक

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– जिलाधिकारी अवैध रेती उत्खननकर्ता के पक्षधर,बखारी ग्रामपंचायत ने की मांग

नागपुर : नागपुर जिले के रामटेक विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बाढ़ से नदी किनारे के खेतों में जमा रेती निकालने के आड़ में क्षेत्र के तथाकथित नेता सह रेत माफिया नदी से अवैध रेत उत्खनन कर रहे.इस अवैध कृत को जिलाधिकारी सह सम्बंधित खनन विभाग,तहसीलदार,ग्रामीण आरटीओ,स्थानीय पुलिस,यातायात पुलिस,हाईवे पुलिस का संरक्षण प्राप्त हैं.

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याद रहे कि इस वर्ष आई बाढ़ में नदी किनारे के कुछ खेतों को अपने चपेट में ले लिया। इन खेतों में रेत जमा हो गए.इसकी निकासी की आड़ में जिलाधिकारी की छत्रछाया में कन्हान नदी से अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला धड़ल्ले से शुरू हो गया.इससे सरकारी खजाने को चुना लग रही हैं.इस अवैध कृत पर रोक लगाने की मांग बखारी ग्रामपंचायत ने जिलाधिकारी रविंद्र ठाकरे और पारशिवनी तहसीलदार वरुण कुमार सहारे से की हैं,न्याय की उम्मीद उनसे की जा रही जो अवैध रेती उत्खनन को संरक्षण दे रहे,आश्चर्य की बात हैं.

बखारी ग्रामपंचायत के निवेदन के अनुसार मौजा बखारी के त.सा.क्र. २०,सर्वे क्रमांक १९१/१,१९१/२,१९१/३ आराजी १.७०,१.६० और १.६० हेक्टर आर में स्वरुप राजेश जिंदल की मालकियत की जमीन हैं.पिछले माह आई बाढ़ से इनके खेत में रेत जमा हो गई.भूमापन क्रमांक १९२ में नदी किनारे जमीन वन विभाग की हैं.इसके पास के सर्वे क्रमांक १८४,२२७ की जमीन पर भी वन विभाग की मालिकाना हक़ हैं.

अर्थात स्वरुप जिंदल की खेत में जाने के रास्ता नहीं हैं.इसके कारण वन विभाग के भूमापन क्रमांक १८४,१८९ की शिव पांथन से आवाजाही करना पड़ता हैं.सर्वे क्रमांक १८९ तक पांथन रास्ता उपलब्ध हैं.जिसका किसान इस्तेमाल करते हैं.इस रास्ते से खेत में जमा रेती का परिवहन करने की अनुमति मांगी गई हैं.लेकिन यह कानूनन संभव नहीं,प्रशासन ने नियम को दरकिनार कर अनुमति देने के फ़िराक में हैं,ऐसा इसलिए संभव हैं क्यूंकि रेत के होने वाली अवैध आय के प्रति जिला प्रशासन मदमस्त होकर सरकार और सरकारी नियमों की तिलांजलि पिछले ६-७ माह से देता आ रहा.
बखारी ग्रामपंचायत ने अवैध रेती परिवहन से आवाजाही मार्ग जर्जर होने की अंदेशा भी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी और तहसीलदार का इस ओर ध्यानाकर्षण करवाया हैं.

उल्लेखनीय यह हैं कि जमीन जिंदल की और उसकी आस में रामटेक क्षेत्र के तथाकथित छुटभैय्या नेता अवैध रेती उत्खनन कर रहे,जिसे जिलाधिकारी कार्यालय का पूर्ण सहयोग प्राप्त हैं,इसी समूह ने कुल ६ आवेदन किये,वह भी खेती में जमा रेत उत्खनन के नाम पर ?

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