Published On : Fri, Oct 8th, 2021

प्राइवेट कर्मचारी,बिन पगारी फूल अधिकारी

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– सावनेर दुय्यम निबंधक कार्यालय का कारनामा

नागपुर – नागपुर जिला अंतर्गत तहसील सावनेर दुय्यम निबंधक कार्यालय में कार्यरत एक प्रभारी अधिकारी को छोड़कर बाकी सभी प्राइवेट कर्मचारी बीन पगारी फूल अधिकारी के रूप में पिछले कई सालों से बिना आदेश के सरकारी कामकाज संभाल रहे हैं.

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सवाल यह उठता हैं कि, कर्मचारियों को आखिर किस आधार पर महीने का पगार दिया जा रहा है, प्रशासन तथा अधिकारियों की अनदेखी लापरवाही के कारण, सावनेर तहसील कार्यालय में इन दिनों दलालों का बोलबाला बना हुआ है, कर्मचारी कम व दलाल ज्यादा दिखाई दे रहे हैं, मधुमखियों की तरह दिन भर मंडराते रहते हैं,मकान, जमीन,प्लाट, खरेदी विक्री के नाम पर लोगों को गुमराह कर अधिक दाम वसूल कर रहे हैं, यह भष्ट्राचार का कारोबार काफी सालों से चल रहा है,दलालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग को लेकर नागरिकों द्वारा कई बार शिकायत की गई हैं,लेकिन प्रशासन व वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

कार्यवाही नहीं होने के कारण दलालों के हौसले दिनों दिन बुलंद हो रहे हैं,कही अधिकारियों के साथ दलालों बीच मधुर संबंध तो नही है,इस बात को लेकर लोगों में चर्चा माहौल बना हुआ है,खबर हैं कि, सावनेर दुय्यम निबंधक कार्यालय में दलालों के माध्यम से हर दिन रजिस्ट्रियां हो रही हैं, आम आदमी अपना मकान, प्लाट की खरेदी, बिक्री करने के लिए कार्यालय में जाने पर उन्हें दस्तावेजों की कमी का बहाना बताकर टालमटोल किया जाता हैं, लेकिन वही काम दलालों के माध्यम से बिंदास हो जाते हैं.

नाम नही छापने के आधार पर एक कर्मचारी तथा दलालों द्वारा बताया गया कि रजिस्ट्री करने के नाम पर दलालों के माध्यम से रोजाना लाखो रुपयों की अवैध रूप से वसूली की जाती हैं,शाम को 7 बजे के बाद पैसों का हिसाब किताब किया जाता हैं, आखिर यह रूपया जाता कहा है, यह जांच का विषय बना हुआ है,नागपुर जिला निबंधक अधिकारी एस. ए. तरासे को यह घटना की जानकारी होने के बाद भी अनजान बने हुए हैं,’ तेरी भी चुप ओर मेरी भी चुप’ की भूमिका का में दिखाई दे रहे हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार,अधिकारियों के पास आय से अधिक अवैध संपत्ति होने की संभावना व्यक्त की जा रही हैं, सावनेर दुय्यम निबंधक कार्यालय की यह हालत हैं तो नागपुर जिले के बाकी तहसीलों की हालत क्या हो सकती हैं इन बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है, इस ओर नागपुर जिलाधिकारी को गंभीरता के साथ ध्यान देने की जरूरत है,सावनेर दुय्यम निबंधक कार्यालय में कार्यरत अधिकारी तथा कर्मचारियों की भष्ट्राचार प्रतिबंधक विभाग तथा आयकर विभाग द्वारा उचित जांच पड़ताल करने पर ओर भी गंभीर मामले उजागर हो सकते है,इन बातों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता,अब यह देखना है की संबंधित शासन व प्रशासन द्वारा आगे क्या कार्यवाही की जाती हैं इस पर आम जनता की नजरें लगी हुई है.

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