Published On : Thu, Mar 4th, 2021

महाराष्ट्र में होस्टल की छात्राओं के जबरदस्ती कपड़े उतवारकर पुलिसवालों ने करवाया डांस

BJP ने बताया धब्बा, एक्शन में उद्धव सरकार

नागपुर– महाराष्ट्र से एक शर्मसार कर देनेवाली खबर सामने आई है. जलगांव के एक होस्टल में कुछ पुलिसवालों ने छात्राओं के जबरदस्ती कपड़े उतरवाकर उसे डांस करने पर मजबूर किया. बुधवार को इस घटना के बारे में महाराष्ट्र विधानसभा को बताया गया. समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, विपक्षी बीजेपी की तरफ से उठाई गई इस घटना पर संज्ञान लेते हुए राज्य की महाविकास अघाड़ी सरकार ने निश्चित समय-सीमा के भीतर जांच कराने की घोषणा की है.
बीजेपी ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

इस घटना को उठाने वाले बीजेपी के चिखली श्वेता महाले से विधायक ने कहा- जिन सहयोगी छात्राओं ने पुलिस का सहयोग नहीं किया उन्हें कपड़े उतारकर डांस करने को मजबूर किया गया. महाले ने आगे कहा- “इस वक्त होस्टल की छात्राएं डर के साए में रह रही हैं. उन्हें जरूर सुरक्षित महसूस कराया जाना चाहिए. यह घटना राज्य के चेहरे पर एक धब्बा है. रक्षक पुलिस ही भक्षक बन गई है.”

विपक्षी नेता देवेन्द्र फडणवीस ने कहा- यह शर्मनाक घटना है. एक वीडियो क्लिप में यह दिख रहा है कि पुलिसवाले लड़कियों के कपड़े उतरवा रहे हैं. इसकी विस्तृत जांच की जाना चाहिए. हमें इस मामले को संवेदनशील तरीके से देखना चाहिए. इसके साथ ही, विधानसभा के कुछ सदस्यों ने महाविकास अघाड़ी सरकार को बर्खास्त करने की मांग की तो वहीं अन्य ने सदन में शर्म-शर्म के नारे लगाए.
महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने दिए जांच के आदेश

इसके साथ ही, उन्होंने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से जांच के आदेश देने और घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों पर फौरन सस्पेंड करने को कहा. देशमुख ने विधानसभा में कहा- “यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. हमने चार सदस्यीय कमेटी बनाई है जो इस घटना की जांच कर 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपेगी. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के मुताबिक आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.” राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर ने कहा- सभी साक्ष्यों को इकट्ठा किया जाएगा और उसकी जांच की जाएगी. इसके साथ ही, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

यह घटना कथित तौर पर एक मार्च को जलगांव के गणेशनगर इलाके में सरकार की तरफ से संचालित आशादीप महिला छात्रावास में घटी और डांस पार्टी का वीडियो वायरल हो गया. एक स्थानीय एनजीओ की तरफ से कलेक्टर अभिजीत राउत को शिकायत कर इस मामले की जांच कराने की मांग की गई थी क्योंकि होस्टल महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अंतर्गत आता है.