Published On : Tue, Apr 10th, 2018

पीएम मोदी बोले- केंंद्र का बिहार सरकार को पूरा समर्थन, असामाजिक तत्वों से लड़ रहे नीतीश

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Champaranपटना: बिहार में चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोजपुरी भाषा में सभी लोगों का अभिवादन किया। इस मौके पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार समेत जेडीयू और बीजेपी के कई बड़े नेता मौजूद हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे सामने ऐसे लोग बैठे हैं जिनके अंदर आज भी महात्मा गांधी के विचार जिंदा हैं और ऐसे लोगों को मैं नमन करता हूं। गांधीजी के नेतृत्व में 100 साल पहले लोगों ने गली-गली जाकर काम किया था। आज के दौर में दोबारा इतिहास दोहराया गया है।

उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता नहीं है, वो यहां आकर देख सकते हैं कि कैसे 100 वर्ष पहले का इतिहास, आज फिर साक्षात, हमारे सामने खड़ा है।चंपारण की इस पवित्र भूमि पर जनआंदोलन की ऐसी ही तस्वीर सौ वर्ष पहले दुनिया ने देखी थी, और आज एक बार फिर देख रही है।

पिछले सौ वर्ष में भारत की 3 बड़ी कसौटियों के समय बिहार ने देश को रास्ता दिखाया है। जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, तो बिहार ने गांधी जी को महात्मा बना दिया, बापू बना दिया। स्वतंत्रता के बाद जब करोड़ों किसानों के सामने भूमिहीनता का संकट आया, तो विनोबा जी ने भूदान आंदोलन शुरू किया। तीसरी बार, जब देश के लोकतंत्र पर संकट आया, तो जयप्रकाश जी उठ खड़े हुए और लोकतंत्र को बचा लिया।

पीएम ने कहा कि मुझे बहुत गर्व है कि सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह तक की इस यात्रा में बिहार के लोगों ने एक बार फिर अपनी नेतृत्व क्षमता को दिखाया है। नीतीश जी और सुशील जी के नेतृत्व में बिहार ने जो कार्य बीते दिनों करके दिखाया है, उसने सभी का हौसला बढ़ा दिया है। बिहार एक मात्र ऐसा राज्य था, जहां स्वच्छता का दायरा 50% से कम था। लेकिन मुझे बताया गया कि एक हफ्ते के स्वच्छाग्रह अभियान के बाद बिहार ने इस बैरियर को तोड़ दिया।

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उन्होंने कहा कि पिछले एक हफ्ते में बिहार में 8 लाख 50 हजार से ज्यादा शौचालयों का निर्माण किया गया है। ये गति और प्रगति कम नहीं है। मैं बिहार के लोगों को, प्रत्येक स्वच्छाग्रही को और राज्य सरकार को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

पीएम ने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया, उनमें मोतिहारी झील के जीर्णोधार का प्रोजेक्ट भी शामिल है। हमारा मोतिहारी शहर, जिस झील के नाम पर जाना जाता है, जो चंपारण के इतिहास का हिस्सा है, उसके पुनरुद्धार का कार्य आज से शुरु हो रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता का संबंध पानी से भी है। बेतिया को पीने के साफ पानी के लिए जूझना ना पड़े, इसके लिए अमृत योजना के तहत तकरीबन 100 करोड़ रुपए की लागत से वॉटर सप्लाई योजना का शिलान्यास किया है। इसका सीधा लाभ डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा।

घर या फैक्ट्री के गंदे पानी को गंगा में जाने से रोकने के लिए बिहार में अब तक 3 हजार करोड़ से ज्यादा के 11 प्रोजेक्ट की मंजूरी दी जा चुकी है। इस राशि से 1100 किलोमीटर से लंबी सीवेज लाइन बिछाने की योजना है।

गंगा तट के किनारे बने गांवों को प्राथमिकता के आधार पर खुले में शौच से मुक्त बनाया जा रहा है। गंगा किनारे बसे गांवों में कचरे के प्रबंधन की योजनाएं लागू की जा रही हैं ताकि गांव का कचरा नदी में ना बहाया जाए। जल्द ही गंगा तट पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा।

स्वच्छ ईंधन पर जोर और उज्जवला योजना की सफलता की वजह से सिलेंडर की मांग भी बढ़ी है। चंपारण और आसपास के लोगों को गैस सिलेंडर की दिक्कत ना हो, इसके लिए मोतिहारी और सुगौली में LPG प्लांट लगाने के प्रोजेक्ट्स का आज शिलान्यास आज किया गया है।

पीएम ने कहा कि आज लगभग 900 करोड़ रुपए के नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया है। औरंगाबाद से चोरदहा का जो सेक्शन अभी 4 लेन का है, उसे 6 लेन बनाने का काम आज से शुरू हो रहा है। ये प्रोजेक्ट बिहार और झारखंड, दोनों राज्यों के लोगों को फायदा पहुंचा पहुंचाएगा।

चंपारण सत्याग्रह के सौ वर्ष के अवसर पर मुझे एक नई ट्रेन का शुभारंभ करने का भी अवसर मिला है। ये ट्रेन कटिहार से पुरानी दिल्ली तक चला करेगी। इसका नाम विशेष रूप से चंपारण हमसफर एक्सप्रेस रखा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस ये ट्रेन, दिल्ली आने-जाने में आपके लिए बहुत मददगार साबित होगी

आज मधेपुरा में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री के फेज वन का भी लोकार्पण किया गया है। ये फैक्ट्री दो कारणों से अहम है। एक तो ये मेक इन इंडिया का उत्तम उदाहरण है, और दूसरा, ये इस क्षेत्र में रोजगार का भी बड़ा माध्यम बन रही है।

एक और वजह है जिसकी वजह से मैं आपको इस प्रोजेक्ट के बारे में थोड़ा विस्तार से बताना चाहता हूं। इस प्रोजेक्ट को 2007 में मंजूरी दी गई थी। मंजूरी के बाद 8 साल तक इसकी फाइलों में पावर नहीं आ पाई। 3 साल पहले एनडीए सरकार ने इस पर काम शुरू करवाया और अब पहला फेज पूरा भी कर दिया है।

पीएम ने कहा कि गांधी जी की इसी भावना को जीते हुए, सवा सौ करोड़ देशवासी मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। ये उनका स्वच्छाग्रह ही है कि 2014 में स्वच्छता का जो दायरा 40 प्रतिशत से भी कम था, वो अब बढ़कर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुका है।

ये लोगों की इच्छाशक्ति ही है कि 4 अप्रैल, यानि पिछले एक हफ्ते में, जिस दौरान सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह सप्ताह मनाया गया है, बिहार, यूपी, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में लगभग 26 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है।

स्वच्छ भारत अभियान ने देश की करोड़ों-करोड़ महिलाओं की जिंदगी जिस तरह बदली है, उससे आप भली-भांति परिचित हैं। एक शौचालय के निर्माण से महिला को सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य, तीनों मिल रहा है। मुझे बताया गया है कि अब तो बिहार में भी शौचालयों को ‘इज्जत घर’ कहकर बुलाया जाने लगा है।

पीएम ने कहा कि गांधी जी ने यहां चंपारण में किसान, श्रमिक, शिक्षक, वकील, डॉक्टर-इंजीनियर सभी को एक ही पंक्ति में ला खड़ा किया था। स्वच्छाग्रही के नाते हमारा रोल भी वैसा ही होना चाहिए। स्वच्छता का ये संदेश समाज के हर व्यक्ति, हर तबके तक पहुंचे, ऐसी हमारी कोशिशें होनी चाहिए।

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