Published On : Thu, Mar 1st, 2018

सूखी होली खेलें नागरिक: रंगों में मिले रासायनिक पदार्थों से हो सकती है कई गंभीर बीमारियां


नागपुर: गर्मियों में नागपुर शहर पर आनेवाले दिनों में जलसंकट गहराने के आसार हैं. इस मुद्दे को ध्यान में रखते हुए पर्यावरणसेवी संस्था ग्रीन विजिल ने ट्रैफिक चिल्ड्रन पार्क में ‘खेलें पर्यावरण स्नेही होली’ अभियान चलाया. इस अभियान के तहत ग्रीन विजिल के सदस्यों ने रंगबिरंगे पोस्टर व कार्ड के जरिए कई विशेष मुद्दों पर नागपुर वासियों से चर्चा की. संस्था के संस्थापक कौस्तुभ चटर्जी के मार्गदर्शन में यह जनजागृति अभियान किया गया. जैसे पानी से होली खेलने के बजाए सूखी होली खेलें, हानिकारक रंगों का इस्तेमाल न करें एवं होली जलाते समय पॉलीथिन, प्लास्टिक आदि वस्तुएं जिससे वायु प्रदुषण होता हो उनका उपयोग न करने की अपील की गई. इसके अलावा होली में पालतू जानवरों को रंग न लगाने की अपील भी नागपुरवासियों से संस्था के सदस्यों ने की है.

इस दौरान संस्था की टीम लीडर सुरभि जैस्वाल ने कहा कि आज कल प्रयोग में आनेवाले रंग काफी हानिकारक होते हैं. क्योंकि इनमें काफी घातक पदार्थ मिले होते हैं. जैसे हरे रंग में कॉपर सलफेट, सिल्वर रंग में एल्युमीनियम ब्रोमाइड, नीले रंग में पर्शियन, ब्लू एवं लाल रंग में मरक्युरी सलफेट मिला होता है. इसके अलावा लेड, क्रोमियम, कैडमियम, सिलिका, एस्बेस्टॉस, मरक्युरी जैसे मेटल आदि पदार्थ भी रंगों में मिले होते हैं. जिससे त्वचा में खुजली, आंखों में जलन, सांस की तकलीफ जैसी बीमारियां होती हैं. सुरभि ने बताया कि इनमें से कुछ तो कैंसर का कारण भी बन सकते हैं. यहां मौजूद सभी नागरिकों और युवाओं को रासायनिक रंगों से होनेवाले नुकसान और सूखी होली खेलने के लिए प्रेरित किया गया. जिसमें बड़ी तादाद में युवाओं ने दिलचस्पी दिखाई .


इस अभियान के दौरान विशेष रूप से धरमपेठ जोन की सभापति रूपा रॉय मौजूद थीं. इस अभियान को सफल बनाने के लिए मेहुल कोसुरकर, कल्याणी वैद्य, बिष्नुदेव यादव, शीतल चौधरी, बिकास यादव, कार्तिकी कावले, अमित पलिया ने विशेष परिश्रम किया .