Published On : Mon, Feb 24th, 2020

वीडियो : ‘ PLASTO ‘ फ्रॉड मामले में ईओडब्ल्यू ( EOW), पुलिस प्रशासन क्यों हो गया खामोश ?

नागपुर: शहर की बड़ी कंपनी ‘ प्लास्टो ‘ PLASTO ‘ के वर्तमान संचालकों के फ्रॉड के नए नए खुलासे ‘ नागपुर टुडे ‘ की ओर से किए जा रहे है. कैसे कंपनी के मूल संस्थापक मदनमोहन अग्रवाल की बीमारी का फायदा उठाते हुए ‘ प्लास्टो ‘ PLASTO ‘ के वर्तमान संचालक विशाल अग्रवाल ने धोखाधड़ी की और उनको कंपनी से बेदखल कर दिया. कैसे मदनमोहन अग्रवाल की पत्नी रजनीदेवी अग्रवाल और इनकी सांस येणुबाई के साथ भी धोखाधड़ी की गई. बैंक में जाली दस्तखत करके करोडो रुपए निकाले गए. कैसे कंपनी से इनको संचालक के पद से हटाया गया, कैसे इनके शेयर बेचे गए, इनका प्लॉट किस तरह से बेचा गया. इस पुरे धोखाधड़ी के मामले में पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों और नागपुर सहकारी बैंक के अधिकारियो की मिलीभगत के इल्जाम भी मदनमोहन अग्रवाल के बेटे अंकुश अग्रवाल ने लगाए है.

जहां बैंक में अकाउंट होने के बावजूद भी आम ग्राहकों को सिग्नेचर में थोड़ी भी गलती हो तो उसे मान्य नहीं करते और ग्राहकों को बेवजह परेशान करते है. तो वही अंकुश अग्रवाल की शिकायत पर भी बैंक के अधिकारियो पर किसी भी तरह की कार्रवाई आखिर पुलिस द्वारा क्यों नहीं की गई. यह सवाल उठता है. मदनमोहन अग्रवाल के साथ जो जालसाजी और फ्रॉड हुआ है. इसको लेकर इनके बेटे अंकुश अग्रवाल पुलिस प्रशासन के पास भी गए है. लेकिन वहां से भी इन्हे निराशा ही मिली है. इससे यह समझा जा सकता है कि आम लोगों के लिए पुलिस और अन्य सरकारी प्रशासन सख्त है. लेकिन वही अगर बात किसी बड़े व्यक्ति, प्रतिष्ठित व्यक्ति की हो, तो इनपर कार्रवाई तो दूर की बात है जांच में भी केवल खानापूर्ति की जाती है. इस पुरे जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में अंकुश अग्रवाल ने पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियो की शिकायत बैंक के दिल्ली के मुख्यालय में की थी और नागपुर नागरिक सहकारी बैंक के मुख्यालय में की थी. लेकिन दोनों ही बैंको की तरफ से किसी भी तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं की गई. अंकुश की ओर से इन बैंकों की शिकायत आरबीआई में भी की गई थी. लेकिन वहां से भी अंकुश को निराशा ही मिली.

‘ प्लास्टो ‘ PLASTO ‘ के मूल संस्थापक मदनमोहन अग्रवाल के बेटे अंकुश अग्रवाल ने ‘ नागपुर टुडे ‘ से बातचीत के दौरान बताया की ‘ प्लास्टो ‘ PLASTO ‘ के वर्तमान संचालकों के क्रिमिनल मामलों के फ्रॉड की शिकायत ईओडब्ल्यू ( ECONOMIC OFFENCE WING ) (EOW ) में की गई है. हमने समय समय पर बयान भी दिए है. लेकिन विभाग की ओर से सही तरीके से जांच नहीं की जा रही है. अंकुश ने यह भी आरोप लगाया है की दबाव के चलते इस मामले को दबाया है और मामले को बंद किया गया है. इस पूरे मामले में डीसीपी, पुलिस आयुक्त से भी शिकायत की गई है. लेकिन कही भी सुनवाई नहीं हुई है. अंकुश अग्रवाल ने मांग की है की इस मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए, सभी दस्तावेजों (DOCUMENTS ) की पड़ताल की जाए और जो भी निर्णय होता है उसे बताया जाए.