नागपुर. धंतोली परिसर में अस्पतालों की भरमार होने के बाद सड़कों के किनारे ही बेतरतीब तरिके से खड़े होनेवाले वाहन और इससे स्थानिय निवासियों को होनेवाली परेशानी को लेकर धंतोली नागरिक मंडल की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई. जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अस्पतालों में पार्किंग की आरक्षित जमीन का अवैध उपयोग, सड़कों पर पार्किंग, सीमेंट रोड जैसे कई मुद्दे उजागर हुए. इसी तरह से धंतोली परिसर में कचरे के ढेर लगे होने को लेकर याचिकाकर्ता की ओर से हर बार कोर्ट में मुद्दा उठाया गया. सुनवाई के दौरान जहां सीमेंट रोड को लेकर हाई कोर्ट की ओर से कड़ी फटकार लगाई गई थी, वहीं तमाम निर्देशों के बावजूद कचरे के ढेर होने पर भी चिंता जताई गई. इस संदर्भ में हाई कोर्ट ने सक्षम अधिकारी से हलफनामा दायर करने के आदेश दिए है.
कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता द्वारा की गई इस शिकायत के प्रति भी संवेदनशील होना आवश्यक है. वर्तमान जनहित याचिका की सुनवाई के लगभग हर तीसरे दिन धंतोली क्षेत्र में विशेष स्थानों पर कचरे के ढेर होने का मसला उठाया जाता है. यहां तक कि महानगरपालिका के अधिकारियों द्वारा इसकी सफाई न करने की शिकायत याचिकाकर्ता द्वारा लगातार की जाती है. कोर्ट ने कहा कि यह समझ से परे हैं कि जब पहले भी प्रतिवादी मनपा की ओर से आश्वासन दिया गया था कि संबंधित ठेकेदार को एक स्थायी टीम नियुक्त करने का निर्देश दिया जाएगा, तो इसका पालन क्यों नहीं किया गया.
कोर्ट ने कहा कि पूरे कचरे को हटाकर, क्षेत्र को साफ और स्वास्थ्यकर स्थिति में रखा जाना चाहिए. याचिकाकर्ता को बार-बार उक्त शिकायत को न्यायालय के समक्ष लाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है. अत: कचरा हटाने और स्वच्छता बनाए रखने के मामले में उठाए जा रहे कदम की जानकारी के पूर्व विवरण के साथ हलफनामा दायर करने के आदेश मनपा को दिए.










