Published On : Tue, Jul 13th, 2021

पांचगांव – उमरी गिट्टीखदानों में चल रही धांधली

– खुलेआम अनुमति क्षेत्र से ज्यादा खुदाई का सिलसिला जारी

पांचगांव/उमरी – जिले में खनिज संपदा भरपूर मात्रा में हैं.जिसके दोहन के लिए अमूमन सभी नियमानुसार लीज पर ब्रास के हिसाब से जगह लेते हैं फिर जिला खनन विभाग,स्थानीय उपविभागीय अधिकारी,तहसीलदार और खासकर LCB के सहयोग से अवैध उत्खनन करते दिख जाएंगे।जिले की नई जिलाधिकारी विमला आर. ने इस मामले की सूक्ष्म जाँच करवाई तो ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा।इससे जिला प्रशासन को ‘खनन निधि’ बड़ी मात्रा में प्राप्त हो सकता हैं.

पिछले 3 दशक से जिले में खनिज संपदा का अवैध दोहन पूर्ण शबाब पर हैं.जिले के खादी और खाकी की मिलीभगत से सरकारी राजस्व को चुना लगाया जा रहा.

रॉयल्टी 1 और फेरी 4-5
इस व्यवसाय में शामिल सफेदपोश/माफिया आदि एक ट्रक/टिप्पर/एलपी विभिन्न आकर के गिट्टी का परिवहन करते हैं,सरकारी राजस्व को चुना लगाने के लिए वे एक रॉयल्टी का इस्तेमाल 4 से 5 फेरियों के लिए किये जाने की विश्वसनीय खबर हैं.

अवैध कृत में LCB सह सम्बंधित सरकारी महकमें कर रहे सहयोग
उक्त व्यवसाय में लिप्त खदान वाले सह ट्रांसपोर्टर प्रत्येक माह प्रति ट्रक 50000 रूपए का देन देती हैं.इसमें तहसीलदार,LCB,ट्रैफिक पुलिस,RTO आदि का समावेश हैं.RTO प्रति ट्रक/टिप्पर प्रति माह ओवरलोड परिवहन के लिए 10000 रूपए लेती हैं.

जिले में 500 के आसपास ट्रक/टिप्पर विभिन्न प्रकार के ओवरलोड परिवहन कर रहे.इसके लिए RTO शहर/ग्रामीण ने काफी सफेदपोश दलाल पाल रखे हैं.किसी के पास 25 तो किसी के 150 ट्रक/टिप्पर का ठेका हैं.इनमें कुछ सत्तापक्ष के जिला स्तरीय कार्यकर्ता भी शामिल हैं.

जिला खनन विभाग के सम्बंधित क्षेत्र के अधिकारी खदानों का निरिक्षण तक नहीं करते,नतीजा खदान के वैध/अवैध संचालक अपनी मनमर्जी से ब्लास्टिंग सह खनिज सम्पदा का दोहन कर रहे.इस वजह से खदान क्षेत्रों के आसपास का पर्यावरण नष्ट हो चूका हैं.

‘एमओडीआई फाउंडेशन’ ने उक्त मामले पर जिले की नई जिलाधिकारी विमला आर. का ध्यानाकर्षण करवाते हुए नियमानुसार गंभीर दखल लेने की गुजारिश की हैं.