Published On : Sat, May 1st, 2021

ऑक्सिजन की कमी पूरी करने मेयो, मेडिकल और एम्स में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट

नागपुर– शहर के मेयो, मेडिकल और एम्स अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे. इसके लिए डब्ल्यूसीएल अपने सीएसआर फंड से निधि जारी करेगा. इस पर 11 करोड़ 88 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है. इस संबंध में विभागीय आयुक्त के साथ हुई डब्ल्यूसीएल अधिकारियों की बैठक में यह जानकारी दी गई है कि डब्ल्यूसीएल बोर्ड ने ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए नागपुर जिलाधिकारी को 11.88 करोड़ रुपए की निधि जारी करने का प्रस्ताव सीआईएल को भेजा है. इतना ही नहीं चंद्रपुर जिले में भी ऐसी ही सुविधाओं के लिए चंद्रपुर जिलाधिकारी को 3.50 करोड़ रुपए की निधि जारी करने का प्रस्ताव भेजा गया है. इस पर तेजी से कार्य जारी है.

बीती सुनवाई में हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को आदेश दिए थे कि वे निजी अस्पतालों में हो रही ऑक्सीजन व जीवनावश्यक दवाओं की कमी को दूर करने के लिए 30 से 40 अधिकारियों की टीम के साथ एक हेल्पलाइन सेंटर बनाएं, साथ ही रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर भी अंकुश लगाएं. इस पर जिलाधिकारी ने कोर्ट में शपथपत्र दिया है कि जिलाधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम बना कर नायब तहसीलदारों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है. शहर में ऑक्सीजन-जीवनावश्यक दवाओं के लिए 0712-2567021 पर संपर्क किया जा सकता है. इसी तरह नागपुर ग्रामीण के लिए 0712- 2562668 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है.

जिलाधिकारी के अनुसार उक्त तीनों अस्पतालों में 200 मीटर क्यूब प्रतिघंटा ऑक्सीजन निर्माण के प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं. इसके अलावा जिलाधिकारी ने मॉयल सीएमडी को पत्र लिख कर नागपुर के 4 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट निर्माण के लिए सीएसआर फंड से निधि जारी करने की विनती की है. इसमें वानाडोंगरी के शालिनीताई मेघे अस्पताल के लिए 2 करोड़ रुपए, हिंगना रोड स्थित लता मंगेशकर अस्पताल के लिए 2 करोड़ रुपए, जामठा स्थित नेशनल कैंसर अस्पताल के लिए 2 करोड़ रुपए और नागपुर के म्योर मेमोरियल अस्पताल के लिए 1.25 करोड़ रुपए देने का निवेदन किया गया है.

जिलाधिकारी ने कुल 14 टीम बना कर उन्हें निजी अस्पतालों से जोड़ कर ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित की है. यह टीम यह भी देखेगी कि अस्पतालों में रेमडेसिविर का सही वितरण और उपयोग हो रहा है या नहीं. जिलाधिकारी ने हाईकोर्ट को बताया है कि नागपुर में कोरोना मरीजों की संख्या देखते हुए बेड भी बढ़ाए जा रहे हैं. बीते कुछ दिनों में नागपुर जिले के 57 अस्पतालों में कुल 2674 बेड उपलब्ध कराए गए हैं, वहीं हाईकोर्ट के आदेश पर एम्स अस्पताल को 10 अतिरिक्त चिकित्सक और 400 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं.