Published On : Fri, Mar 26th, 2021

CORONA BLAST पर भड़का पक्ष-विपक्ष तो महापौर ने की सकारात्मक DEFENCE

– FRONTLINE WORKERS ने नहीं ली टिका तो कटेगा वेतन – महापौर का प्रशासन को कड़क निर्देश

नागपुर : कल गुरुवार 25 मार्च को मनपा की आमसभा हुई,जो महीनों बाद मैराथन चली ( 7 घंटा से अधिक ),जिसमें स्थगन प्रस्ताव के तहत कोरोना ब्लास्ट पर प्रस्ताव लाने वाले नगरसेवक/विधायक प्रवीण दटके सह सत्तापक्ष-विपक्ष के नगरसेवकों ने प्रशासन की खामियां गिनवाते हुए आड़े हाथ लिए तो दूसरी ओर बतौर संरक्षक महापौर दयाशंकर तिवारी ने प्रशासन से अतिशीघ्र गुणात्मक सुधार और दिरंगाई करने वालों पर आर्थिक जुर्माना लगाने का निर्देश प्रशासन को दिया।

प्रफुल गुरधे पाटिल ने कहा कि इस समय मनपा द्वारा की जा रही व्यवस्था समाधानकारक नहीं हैं,कोरोना पर अंकुश लगाने के लिए व्यवस्था का DECENTRALIZATION करने की सख्त जरुरत हैं.

आभा पांडे ने कहा कि जितना महापौर (जीवनसंगनी कोरोना ग्रसित होने के कारण अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद जनहित में सक्रिय ) सक्रीय हैं,उतना प्रशासन लापरवाही बरत रहा.शहर के समाजभवनों में टीकाकरण केंद्र शुरू करने की मांग की.NUHM और SDRF का अनुदान का हिसाब किताब छिपाने का संगीन आरोप भी जड़ा.

कमलेश चौधरी ने कहा कि निजी अस्पतालों में टीकाकरण और इलाज के नाम पर खुलेआम लूट शुरू हैं.घोषित कई COVID CARE CENTER शुरू नहीं हुआ.कोरोना POSITIVE के परिजन बेखौफ शहर में घूम-घूम कर ‘आग में घी डालने के काम कर रहे ‘.

नंदा जिचकर ने कहा कि बढ़ते कोरोना का चैन तोड़ने के लिए जन-जागृति करने की नितांत आवश्यकता हैं,इस कार्य में बेरोजगार हो चुके छोटे-छोटे कलाकारों को रोजगार मिलेगा।भयावह कोरोना काल में न प्रशासन और न ही जनता गंभीर हैं.

MLC प्रवीण दटके ने कहा कि रोजाना RT-PCR टेस्ट 20-20 हज़ार किये जाए और इसका REPORT भी अतिशीघ्र मिले।मनपा मुख्यालय में भी POSITIVE कर्मी/अधिकारी की बढ़ती संख्या चिंतनीय हैं.6 विधानसभा में 24 बाय 7 टीकाकरण केंद्र जल्द शुरू किया जाए.अस्पतालों में COVID मरीजों से लूट रोकने के लिए सरकारी दरों का प्रचार-प्रसार भली-भांति की जाए.वेंटीलेटर संचालन करने वाले तकनीशियनों की तत्काल अस्थाई/ठेकेदारी पद्दत पर भर्ती हो.प्रशासन की ढुलमुल नीत को द्रुत गति लाने की जरुरत हैं.
प्रशासन की ओर से अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी ने उक्त सवालकर्ताओं के सवालों पर प्रशासन का पक्ष रखते हुए जानकारी दी कि वार्ड अधिकारियों को PRO-ACTIVE किया जाएगा।एनएमसी के 5 अस्पतालों में टीकाकरण शुरू हैं.जोन निहाय टीकाकरण के लिए पंजीयन शुरू किया गया.अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए बिस्तरों की स्थिति के लिए PRE-AUDIT की जा रही.शहर में इनदिनों 23870 मरीज होम आइसोलेशन में हैं,जिनकी 144 समूह द्वारा देखरेख की जा रही.पिछले वर्ष की तुलना में इस दफे जरुरत के मरीजों को १० से 12 लीटर ऑक्सीजन लग रहा.

अंत में महापौर दयाशंकर तिवारी ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जिन सफाईकर्मियों ने टिका नहीं लगवाया,उन्हें सख्त हिदायत दें,अन्यथा उन पर जुर्माना हेतु आर्थिक दंड के रूप में वेतन कटौती की जाए.हेल्थ केयर वर्कर्स को टिका देने में प्राथमिकता दें.होम आइसोलेशन वाले मरीजों के इर्द-गिर्द रहने वाले जल्द से जल्द RT-PCR TEST करवाए।मनपा प्रशासन खर्चीले दवा से मरीजों को बचाने के लिए FDA की मदद लें.

होम क्वारेंटाइन मरीज घर से बाहर न निकलने इसकी खबरदारी प्रशासन सह स्थानीय नगरसेवक लें.निजी अस्पतालों में CCC जल्द शुरू करें।IGR में जल्द से जल्द कर्मियों की संख्या बढ़ाए,यहाँ ICU जल्द शुरू करें।शहर में सैनेटाइज का क्रम बढ़ाने की जरुरत हैं.मरीजों से संपर्क कायम रखने के लिए आधुनिक तकनिकी का इस्तेमाल पर बल दें.निजी अस्पतालों में टीकाकरण केंद्र बढ़ाने के लिए जल्द से जल्द अनुमति प्राप्त कर व्यवस्था शुरू करें।जिमीदार अधिकारी के नाम और संपर्क क्रमांक शीघ्र सार्वजानिक करें।

महापौर बंगले के बजाय स्वास्थ्य सुविधा मजबूत करने की मांग

शहर में अन्य बड़े शहरों की तर्ज पर महापौर का सरकारी बंगला हो,इसके लिए वर्ष 1986 से प्रयास किये जा रहे। कल आमसभा में PWD की चिन्हित जगह की मांग संबंधी प्रस्ताव रखा गया। प्रस्ताव के अनुसार सीताबर्डी अंतर्गत नगर भूमापन क्रमांक 1612 की 31080 वर्ग फुट जगह PWD की हैं, यह सार्वजनिक या निम सार्वजनिक उपयोग के रूप में DP प्लान में शामिल किया गया। इस जमीन को महापौर के बंगले के लिए मांगी गई। जिसके अप्रत्यक्ष रूप से विरोध कांग्रेस के नगरसेवक प्रफुल गुरधे पाटिल ने करते हुए कहा कि तब के मनपा के सदस्य दादासाहेब भोरकर ने तब उठे महापौर के बंगले के निर्माण के बजाय एक अस्पताल निर्माण करने की मांग की थी,उस मांग के आधार पर गांधीनगर चौक पर वर्तमान इंदिरा गांधी अस्पताल हैं, तब यह जगह महापौर बंगले के लिए चुना गया था। इसलिए महापौर बंगले के बजाय शहर के स्वास्थ्य सुविधा- व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया तो जनहित में बड़ा लाभकारी साबित हो सकता हैं।

नासुप्र विश्वस्त,परिवहन सह स्थाई समिति सदस्यों की नियुक्ति पर लगी मुहर

अंततः पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी नगरसेवक संजय बंगाले को मनपा नगरसेवकों की ओर से नासुप्र का विश्वस्त घोषित किया गया.उनके साथ न्याय होने में काफी देर हुई,उन्हें अमूमन 6 माह का कार्यकाल मिलेगा।इसके साथ ही परिवहन समिति के लिए भाजपा के बंटी कुकड़े को दोबारा मौका दिया गया,संभावना हैं कि उन्हें दोबारा सभापति बनाया जाएगा।इसके अलावा राजेश घोड़पागे,उषा पैलेट,शेषराव गोटमारे और कांग्रेस के नितिन साठवणे को कायम रख,कमलेश चौधरी को भी समिति में स्थान दिया गया.
स्थाई समिति में सुमेधा देशपांडे,वंदना भूरे,स्वाति आखतकर,वर्षा ठाकरे,विनीता दांडेकर,जयश्री रारोकार,रुपाली ठाकुर की नियुक्ति की गई.