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    Published On : Mon, Jan 7th, 2019

    क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले जयंती पर ‘स्वयम्’ का विद्यार्थियों के साथ चर्चासत्र

    पुरस्कार से विद्यार्थियों को किया सम्मानित

    नागपूर : वक्तृत्व के साथ ही लड़कियों में नेतृत्व गुण का विकास हो. इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर क्लास आठवीं से लेकर बारवीं के छात्राओ के लिए स्वयम सामाजिक संस्था और माय करिअर क्लब की ओर से वक्तृत्व ली गई थी. इस स्पर्धा का पुरस्कार वितरण सम्मलेन व महिला सक्षमीकरण पर चर्चासत्र का आयोजन 3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले जयंती के अवसर पर किया गया. मानेवाडा रोड के सिद्देश्वर सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में नागपुर शहर यातायात शाखा की सहायक पुलिस निरीक्षक नम्रता जाधव राठोड, वरिष्ठ पत्रकार सरिता कौशिक, सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनर पारुल आर्य ने छात्राओ को मार्गदर्शन किया. इस दौरान स्वयम के अध्यक्ष विशाल मुत्तेमवार, नगरसेवक संजय महाकालकर मौजूद थे.

    विशिष्ट संकाय का चुनाव करके उच्च शिक्षा लेना यानी अच्छी शिक्षा नहीं है. बल्कि चुने हुए क्षेत्र में ही अच्छा करना और मन में जिद होना जरुरी है. यह बात नम्रता जाधव ने कही. बहोत से विद्यार्थी ग्रेजुएट होने के बाद निजी नौकरी ढूंढने लगते है. इसमें उन्हें असफलता मिलने पर स्पर्धा परीक्षा की तैयारी में लग जाते है. उन्होंने ग्रेजुएशन के दौरान या गर्मी की छुट्टियों में अगर पढ़ाई की तो वे स्पर्धा परीक्षा पास हो सकते है ऐसा जाधव ने कहा. तो वही पत्रकारिता क्षेत्रों में मौका और आव्हान के बारे में वरिष्ठ पत्रकार सरिता कौशिक ने कहा कि खुद की पसंद को प्राधन्य देने का उन्होंने मूलमंत्र दिया. पाठ्यक्रम चुनते समय और नौकरियों में मौकों को लेकर पहली पसंद पर विचार करे. सम्बंधित क्षेत्रों वेतन से ज्यादा उसकी पसंद महत्वपूर्ण है. इससे जल्दी सफलता मिलने की बात उन्होंने कही. अगर सफल होना है तो उसके आव्हान को भी स्वीकारे. ऐसी सलाह पारुल आर्य ने दी. पारुल ने कहा कि वेशभूषा से ज्यादा विचारों में बदलाव लाए. निर्भय और करिअर ओरिएंटेड विवाहित महिलाएं भी करिअर बना सकती है. ऐसी जानकारी पारुल ने दी.

    वक्तृत्व कला यह सभी क्षेत्रों का पहला चरण है. विद्यार्थियों में नेतृत्वक्षमता निर्माण करने के लिए यह उपक्रम करने की बात स्वयम के अध्यक्ष विशाल मुत्तेमवार ने अपनी प्रास्ताविका में कही. करिअर में परीक्षा के मार्क्स का एक ही बार विचार किया जाता है. लेकिन अपने भीतर के कौशल्य की समय समय पर जरुरत पड़ती है. इसलिए विद्यार्थियों ने विभिन्न कौशल्य को आत्मसात करने की जरुरत है. ऐसा आव्हान मुत्तेमवार ने कही. संचालन प्रा.दीपक रंगारी ने किया. इस दौरान अमोल ठाकरे ने आभार माना. कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जीवन आंबुडारे, प्रकाश भोयर, किशोर वाघमारे, मोहन गवळी, राहुल खळतकर, नम्रता धोंगडे, पायल भेंडे ने सहयोग किया.

    ‘ स्त्रीशिक्षा का महत्व ‘ इस विषय पर वक्तृत्व स्पर्धा के ‘टॉप – 5 ‘ विजेता विद्यार्थियों का मान्यवरों के हाथों स्मृतिचिन्ह और प्रशस्तिपत्र देकर सत्कार किया गया. उत्कृष्ट देहबोली, जानकारी का विश्लेषण, आवाज का उतार- चढ़ाव, प्रस्तुतीकरण, हावभाव, विनोदबुद्धि और आत्मविश्वास ऐसे विभिन्न गुणों को श्रेणीनुसार प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया. सभी स्पर्धकों को प्रशस्तिपत्र प्रदान किए गए. इस स्पर्धा में नागपुर शहर के 27 स्कूलों के 230 विद्यार्थियों ने हिस्सा.

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