Published On : Tue, Sep 1st, 2020

एनवीसीसी ने मनपा आयुक्त से मिल कर आॅड-ईवन पद्धति बंद करने की मांग की

नागपुर– विदर्भ के 13 लाख व्यापारियों की अग्रणी व शीर्ष संस्था नाग विदर्भ चेंबर द्वारा चेंबर के अध्यक्ष अश्विन मेहाड़िया के नेतृत्व में प्रतिनिधीमंडल ने नागपुर महानगरपालिका के नवनियुक्त आयुक्त से मिलकर ओड-ईवन पद्धती बंद कर व्यापार नियमित करने का प्रतिवेदन दिया. अध्यक्ष अश्विन मेहाड़िया ने मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी. को पुष्पगुच्छ एवं चेंबर के 75 वर्ष स्मरणिका -‘अमृत पुष्प’ देकर उनकी नागपुर में नियुक्ती की बधाई देते हुये कहा कि नागपुर में अॅनलाॅक-ं1 से आॅड-ईवन पद्धती से व्यापार करने की अनुमति दी गई थी,

जो कि अब तक शुरू है. आॅड-ईवन पद्धती से व्यापारी वर्ग को व्यापार करने में बहुत कठिनाई हो रही हैं, और बाजारों में भीड़ होने का कारण बन रही है. नागपुर मे जनसंख्या के आधार पर दैनदिंन की खपत के लिये आधी ही दुकाने खुली होने के कारण दुकानों में भीड़ होती है. अगर आॅड-ईवन पद्धती बंद कर दी जाये, तो बाजार में आने वाली भीड़ पर नियंत्रण होगा. व्यापारी महीने में 15 दिन ही व्यवसाय कर पा रहा है तथा छोटे व्यापारी एवं ग्राहक को अपने काम के लिये एक दिन के बदले लगातार दो दिनों तक बाजार में आना पड़ता है. जिससे बाजारों में सोशल डिस्टेसिंग के नियम की अवहेलना होती है.

आॅड-ईवन पद्धती से दुकाने खोलने के कारण रोड के जिस तरफ की दुकाने बंद रहती है, उस तरफ में हाॅकर्स अपनी दुकाने लगा लेते है. अॅनलाॅक-ं2 से राज्य के विभिन्न शहरों में स्थानीय प्रशासन द्वारा आॅड-ईवन पद्धती बंद कर नियमित व्यापार खोलने की अनुमति दी गई है. अध्यक्ष महोदय ने आयुक्त से निवेदन किया कि नागपुर में भी प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 8 बजे तक सभी मार्केट को खोलने की अनुमती दी जाये, ताकि व्यापारियों को आर्थिक परेशानियों एवं मानसिक असंतोष से बाहर निकाला जा सके.

चेंबर के निर्वतमान अध्यक्ष हेमंत गांधी ने आयुक्त राधाकृष्णनजी को ट्रेड लायसेंस एवं एल.बी.टी. के विषय में हस्तक्षेप करने का अनुग्रह किया. चेंबर के सचिव रामअवतार तोतला ने नागपुर में बढ़ते हुये कोरोना संक्रमण की ओर मनपा आयुक्त का ध्यान आर्कषित करते हुये बताया कि नीजि अस्पताओं द्वारा सरकारी दिशा निर्देशों की अवहेलना कर, वसूली की जा रही है. अतः प्रशासन ने सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ नीजि अस्पतालों की व्यवस्था पर नजर रखनी चाहिये एवं जिन नागरिकों को मेडिक्लेम पाॅलीसी है उनके बिलों का भुगतान सीधे संबंधित कंपनियों से लिया जाना चाहिये, ताकि आमजनता को सुविधा हो.

आयुक्त राधाकृष्णनजी ने सभी विषय ध्यानपुर्वक सुनकर, विषयों पर सभी के हित में निर्णय लेने का आश्वासन दिया. इस अवसर पर चेंबर के सर्वश्री अध्यक्ष अश्विन मेहाड़िया, आईपीपी हेमंत गांधी, उपाध्यक्ष संजय के. अग्रवाल, सचिव रामतअवतार तोतला, कोषाध्यक्ष सचिन पुनियानी, सहसचिव शब्बार शाकिर उपस्थित थे. यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति द्वारा सचिव रामअवतार तोतला ने दी.