Published On : Fri, Nov 9th, 2018

अवनी शूटआउट में नहीं सुधीर मुंगटीवार का कोई दोष : नितिन गडकरी

नागपुर: विगत दिनों नरभक्षी बाघिन को मारने पर एक ओर प्रशासन को मजबूर होना पड़ा तो दूसरी ओर गल्ली से लेकर केंद्र तक इसे मरने पर राज्य के वन मंत्री पर कई प्रकार के आरोप लगाकर उसको मंत्री पद से मुक्त करने की मांग पुरजोर शुरू है. उक्त घटनाक्रम से खफा केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य के वन मंत्री सुधीर मुंगटीवार को निर्दोष करार दिया है.

गडकरी के अनुसार अवनी जैसी नरभक्षी बाघिन होने के बावजूद,मजबूरन मारने की नौबत आने से वे भी दुखी हैं. लेकिन और कोई चारा भी नहीं था, क्यूंकि उसने १३ निर्दोष आदिवासी नागरिकों को मारा था. इन आदिवासी परिवार पर क्या बीतती होगी, वे ही जानें. वे कुछ दिन पूर्व मुलाकात के लिए आए थे.

उक्त निर्दोष नागरिकों को जब अवनी जैसी बाघिन ने मारा था तब देश में कहीं से बाघिन के खिलाफ किसी ने आवाज नहीं उठाया. उलटे अवनी को मारने से उक्त परिसर के नागरिकों की दहशत ख़त्म हो गई, जंगलों में रहने वाले नागरिकों को राहत मिली है.

अवनी की हत्या का आरोप वनमंत्री मुंगटीवार पर मढ़ना यह सिर्फ और सिर्फ ओछी राजनीति का उदहारण है. खासकर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का अवनी के समर्थन में उतरना और वनमंत्री मुंगटीवार के इस्तीफे की मांग पर गडकरी भड़क उठे. गडकरी ने कहा कि उलटे मुंगटीवार के टाइगर कैपिटल के निर्माण और १४ करोड़ वृक्षारोपण करवाने से राज्य का नाम ऊँचा हुआ है. अंबानी-अदानी जैसे उद्योगपति के समर्थन में अवनी की हत्या के सवाल पर गडकरी ने कहा कि क्या मारे गए आदिवासी नागरिक इनके थे. इसके लिए वनमंत्री का इस्तीफा मांगना हास्यास्पद हैं.