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    Published On : Thu, Jul 19th, 2018

    नागपुर महानगरपालिका की 34 मराठी शाला बंद

    नागपुर: नागपुर महानगरपालिका की 81 मराठी माध्यम की प्राथमिक शालाओं में से पिछले 4-5 वर्षों में 34 शालाएं विद्यार्थियों की पटसंख्या कम होने के चलते बंद कर दी गई हैं. प्रश्नोत्तरकाल के दौरान विधान परिषद में विधायक गिरीश व्यास, अनिल सोले व नागो गाणार ने यह मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि राज्यभर में मराठी शालाओं के बंद होने की यही स्थिति है जिसे रोकने के लिए सरकार क्या उपाययोजना कर रही है.

    वहीं यह भी सवाल किया गया कि नागपुर में बंद की गईं शालाओं की इमारतों को निजी शालाओं व अन्य को दे दिया गया और कुछ शालाओं में मवेशी पालकों व असामाजिक तत्वों द्वारा कब्जा कर लिया गया है. इस पर राज्यमंत्री रणजीत पाटिल ने माना कि नागपुर में मराठी की शालाएं पटसंख्या कम होने के चलते बंद की गई हैं, लेकिन उन शालाओं के बच्चों को समीप की शालाओं में समायोजित किया गया है.

    उन्होंने इस बात से इंकार कर दिया कि खाली शाला इमारतों में मवेशी पालकों या अन्य किसी तत्वों ने कब्जा जमा लिया है. उन्होंने बताया कि 14 इमारतों में मनपा की अन्य माध्यम की शाला शुरू है. 4 इमारतों को मनपा कार्यालय के रूप में उपयोग कर रही है. 1 शाला इमारत में निजी अंग्रेजी माध्यम की शाला शुरू की गई है जिसमें पटसंख्या काफी अधिक है.

    4 केन्द्रीय शालाएं प्रस्तावित
    पाटिल ने बताया कि 5 इमारतों में से 4 में केन्द्रीय विद्यालय व 1 इमारत में पुलिस थाना निर्माण करना प्रस्तावित है. शेष 9 इमारतें निजी मालिकों की थीं जिन्हें उन्हें सौंप दिया गया है. यह रिपोर्ट मनपा ने सरकार को दी है. उन्होंने कहा कि मनपा शालाओं में गरीब परिवार के बच्चे ही आते हैं. मराठी शालाओं में बच्चों की पटसंख्या बढ़ाने के लिए मनपा को शालाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उपाययोजना करने के निर्देश दिए गए हैं. विद्यार्थियों को मुफ्त गणवेश, पाठ्यपुस्तक, अन्य सामग्री, साइकिल, मुफ्त बस सुविधा, शिक्षकों की कार्यशाला आयोजित करने का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मनपा शालाओं को अनुदानित सेमी इंग्लिश मीडियम किया गया तो पटसंख्या बढ़ सकती है.

    अच्छे व्यवस्थापन को सौंपें शालाएं
    हेमंत टकले ने कहा कि इससे पहले की राज्य में मराठी शालाओं की संख्या शून्य पर आ जाए सरकार इसे सेमी इंग्लिश मीडियम करे. वहीं कपिल पाटिल ने सुझाव दिया कि शालाओं को अच्छे व्यवस्थापन को सौंपकर जिम्मेदारी दी जाए तो शालाएं बंद होने का सिलसिला रुक सकता है. वहीं अनिल सोले ने कहा कि क्या मनपा ने मराठी शालाओं को बंद कर निजी अंग्रेजी माध्यम की शालाओं को मदद करने का निर्णय लिया.

    प्रकाश गजभिये ने शालाओं का निजीकरण बंद करने उपाययोजना करने व शहर की बंद 34 शालाओं को दोबारा शुरू करने के संदर्भ में जवाब मांगा. मंत्री ने कहा कि बंद की गईं शालाओं के बच्चों को दूसरी शालाओं में समायोजित किया गया है, इसलिए उनकी शिक्षा का नुकसान नहीं होगा.

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