Published On : Thu, Sep 24th, 2020

सीमेंट सड़क : मनपा ने अपात्र ठेकेदार कंपनी को बना दिया पात्र

– तत्कालीन कार्यकारी अभियंता मनोज तालेवार और वित्त विभाग के मिलीभगत से गैरकानूनी ढंग से कुछ भुगतान भी किए, जिसे छिपाने की भरसक कोशिशों के दौर जारी


नागपुर – सीमेंट सड़क निर्माण क्रम में काफी अनियमितताएं हुई,जिसकी लीपापोती में आजतक मनपा प्रशासन सफल रहा। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया कि फेज-2 अंतर्गत सीमेंट सड़क का ठेका देने संबंधी कागजी प्रक्रिया में भारी धांधली की गई,नतीजा अपात्र ठेकेदार कंपनी पात्र भी हो गई और उसके नियमानुसार बोगस खाते में कुछ भुगतान भी जमा करवा दिया। उक्त गैरकृत में तत्कालीन कार्यकारी अभियंता मनोज तालेवार और संबंधित वित्त विभाग के अधिकारी की मिलीभगत होने की अंदेशा व्यक्त की जा रही।

मामला यह हैं कि सीमेंट सड़क फेज-2 का टेंडर प्राप्त करने के लिए मनपा के ठेकेदार डीसी गुरुबक्षानी इच्छुक थे लेकिन निविदा शर्तो के अनुसार अपात्र थे। लेकिन टेंडर हासिल करने के लिए मुम्बई की अनुभवी कंपनी अश्विनी इंफ़्रा के साथ 60:40 का करार कर ठेका हासिल किया।

दोनों कंपनियों के मध्य करार के अनुसार संयुक्त करार से बनी कंपनी (JV) का नया पैन कार्ड,इसके आधार पर JV खाता टेंडर प्रक्रिया में पंजीकृत करना था,किया नहीं लेकिन JV अग्रीमेंट में करने का आश्वासन किया गया था। टेंडर की शर्तों के अनुसार उक्त दोनों ठेकेदार कंपनी के मध्य ज्यादा हिस्सेदारी वाली कंपनी (LEAD PARTNER) का नाम पहले होना अनिवार्य था।


लेकिन इसे भी तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारी मनोज तालेवार और वित्त विभाग के तत्कालीन अधिकारी ने अपनी स्वार्थपूर्ति को महत्व देते हुए इस मामले को भी नज़रअंदाज किया।

काम पूर्ण जैसे तैसे हो गया,इस दौरान तत्कालीन स्थाई समिति सभापति भी ठेकेदार से काफी नाराज थे,क्योंकि उनके प्रभाग का मामला था,जो आधा अधूरा छोड़ दिया गया था।

टेंडर शर्त अनुसार लकडगंज जोन के PWD विभाग के तत्कालीन JE/DE आदि ने भुगतान का कुछ हिस्सा देने के लिए वित्त विभाग को लिखित रूप से सूचित किया। वित्त विभाग ने भी उक्त PWD अधिकारी के निर्देश पर डीसी गुरुबक्षाणी के पुराने खाते में भुगतान कर दिए जाने का मामला प्रकाश में आया हैं।

उक्त अनियमितता को मनपायुक्त राधाकृष्णन बी,मुख्य अभियंता,अधीक्षक अभियन्ता,कार्यकारी अभियंता और प्रमुख वित्त व लेखा अधिकारी के ध्यान में सबूत सह 2 दफे लिखित रूप से ध्यान में लाने के बावजूद उक्त सभी अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगना समझ से परे हैं। उक्त अधिकारियों की अवैध कृत का नतीजा यह हुआ कि उक्त अपात्र ठेकेदार डीसी गुरुबक्षाणी समूह फेज -3 अंतर्गत सीमेंट सड़क ठेके के लिए पात्र हो गया।

अब यह मामला जल्द ही राज्य के नगर विकास मंत्रालय को प्रेषित किया जाने की सूचना हैं, इसके बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी राजस्व को चुना लगाने वालों के खिलाफ आरटीआई आवेदक न्यायालय की शरण में जाएंगे,उनके अनुसार तब होने वाली नुकसान की सम्पूर्ण जिम्मेदारी मनपा प्रशासन की होगी।