Published On : Wed, Jun 17th, 2020

लापरवाही : बेटी दिल्ली से आने की जानकारी नहीं देना , कर्मचारी को पड़ा महंगा

Advertisement

खापरखेडा – डब्ल्यूसीएल चनकापूर में रहनेवाली एक डब्ल्यूसीएल के कर्मचारी की बेटी दिल्ली से 8 जून को प्लेन से अपने घर चनकापुर पहुंची. लेकिन इस दौरान सम्बंधित स्थानीय प्रशासन को लड़की के पिता की ओर से जानकारी नहीं देने के कारण प्रशासन को धोखा देने के आरोप में नागपूर क्षेत्र महाप्रबंधक ने इस लड़की के पिता को सस्पेंड किया है.

चनकापूर डब्ल्यूसीएल बी ‘ टाइप में रहनेवाली लड़की दिल्ली में पढ़ाई करने गई थी. ऐसी जानकारी है. दिल्ली से आने के बाद उसे अपने घर में ही अलग रूम में क्वारंटाइन में रखने की जानकारी सामने आयी है. लेकिन उसके पिता ने स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी न देते हुए उसे घर में ही रखा. ग्रामपंचायत या स्वास्थ विभाग, पुलिस विभाग के साथ ही इसके पिता ने डब्ल्यूसीएल विभाग को भी इसकी जानकारी नहीं दी. कुछ दिन पहले अचानक लड़की की तबियत खराब हुई. उसे वलनी के डब्ल्यूसीएल हॉस्पिटल में लेकर जाया गया, लेकिन उसके लक्षण संशयित होने के कारण उसे नागपुर के मेयो हॉस्पिटल में भेजा गया.

Advertisement
Advertisement

इसके बाद उसका स्वॅब लेकर कोविड की जांच की गई. शनिवार को उसका रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सभी के होश उड़ गए. इसके बाद डब्ल्यूसीएल के अधिकारियो ने “बी’ टाइप क्वार्टर में जाकर देखा. एक तरफ इस विषय को लेकर स्थानीय प्रशासन में डब्ल्यूसीएल को लेकर काफी गुस्सा था. इसके परिणामस्वरूप डब्ल्यूसीएल के महाप्रबंधक ने अगले आदेश तक लड़की के पिता को निलंबित करने की जानकारी सामने आयी है. इस लड़की के कारण क्वार्टर में रहनेवाले, संपर्क में आनेवाले, डब्ल्यूसीएल हॉस्पिटल के अधिकारियों को भी क्वारंटाइन होना पड़ा है.

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement