Published On : Fri, Apr 13th, 2018

14 अप्रैल को मनपा में मनाया जाएगा अग्निशमन दिवस

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नागपुर: अग्निशमन विभाग की ओर से दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं के माध्यम से आय का स्रोत बना रहता है. लेकिन अब मनपा क्षेत्र अंतर्गत निर्माणकार्य क्षेत्र में आर्थिक मंदी की वजह से वर्तमान वर्ष की आय में कमी आने का खुलासा अग्निशमन विभाग प्रमुख राजेंद्र उचके ने किया. 14 अप्रैल को होने जा रहे अग्निशमन दिवस के रूप में मनाए जानेवाले अग्निशमन सेवा सप्ताह के सन्दर्भ में पत्रपरिषद के माध्यम से उचके ने बताया कि गत वर्ष तक अग्निशमन विभाग को 2.50 से 3 करोड़ रुपए तक की आय हुआ करती थी. लेकिन इस वर्ष केवल 1.73 करोड़ की ही आय हुई है.

उचके के अनुसार प्रत्येक वर्ष की भांति 14 अप्रैल को मनपा मुख्यालय में अग्निशमन दिवस का आयोजन होगा, जिसमें महापौर नंदा जिचकार, उपमहापौर दीपराज पार्डीकर और मनपा आयुक्त अश्विन मुदगल उपस्थित समेत स्थाई समिति अध्यक्ष विक्की कुकरेजा, सत्तापक्ष नेता संदीप जोशी, विपक्ष नेता तानाजी वनवे, अग्निशमन विशेष समिति सभापति लहुकुमार बेहते, प्रभाग १४ के नगरसेवक कमलेश चौधरी, अतिरिक्त मनपायुक्त रविंद्र कुंभारे रहेंगे.

1360 आग की घटनाएं :- 1 अप्रैल 2017 से लेकर 31 मार्च 2018 तक शहर में कुल 1360 आग की घटनाएं हुई हैं, जिसमें 951 छोटी, 226 मध्यम और 183 बड़ी आग की घटनाएं शामिल हैं. आग की घटनाएं होने के बाद घटनास्थल पर गए अधिकारियों के अनुमान के अनुसार 18.57 करोड़ का नुकसान आग की घटनाओं के कारण हुआ है जबकि 1.17 अरब रुपए की सम्पत्ति बचाने में विभाग सफल रहा है. उन्होंने बताया कि शहर के बाहर 44 आग की घटनाएं हुईं, जिसमें मनपा की ओर से सेवाएं प्रदान की गई.

81 लोगों ने गंवाई जान :- मनपा को कुल 597 इमरजेन्सी कॉल प्राप्त हुए थे, जिसमें कुएं और तालाब की घटनाओं के लिए 104 काल प्राप्त हुए थे. इसमें 1 महिला तथा 22 पुरुष जख्मी हुए थे, जबकि सभी घटनाओं को मिलाकर कुल 81 लोगों को जान गंवानी पड़ी है, जिसमें 22 महिलाएं और 59 पुरुष शामिल हैं. उन्होंने बताया कि मूलत: विभाग का काम नहीं होने के बावजूद 3173 दूषित कुओं की सफाई की गई. मनपा जोन की ओर से प्राप्त आवेदनों के अनुसार 2977 नि:शुल्क और 196 निजी कुओं की सफाई की गई.

अब तक 428 की गई जान. गत 5 वर्षों में कुल 4958 आग की घटनाएं हुई हैं, जिसमें महिला और पुरुष मिलाकर कुल 428 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. वर्ष 2014-14 में 91,वर्ष 2014-15 में 92,वर्ष 2015-16 में 81,वर्ष 2016-17 में 83,वर्ष 2017-18 में 81 जान गई.