Published On : Sat, Mar 31st, 2018

कट्टर हिंदुत्व की पॉलिसी में नरेंद्र मोदी बस प्यादा – पत्रकार, हरतोष सिंह बल


नागपुर: संघ की कट्टर हिंदुत्व की पॉलिसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्यादे बस है। हमारा ध्यान मोदी की ओर केंद्रित है लेकिन हो सकता है भविष्य में संघ से आया कोई ऐसा व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बने जो सभी संवैधानिक व्यवस्था को ख़त्म कर दे। ये कहना है इन्वेस्टिगेशन मैगजीन कारवां के संपादक हरतोष सिंह बल का जो शनिवार को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने विचार रख रहे थे। बल के मुताबिक संघ की कट्टर हिंदुत्व की सोच आज भी सन 1925 की ही तरह है। तब जो भूमिका थी आज भी उसी पर काम हो रहा है। संघ की व्यापक सोच पर हो रहे कार्यो पर आज ध्यान ज्यादा भले न जा रहा हो लेकिन भविष्य में इसका अधिक असर देखने को मिलेगा। वर्त्तमान में मीडिया हॉउस और संसद चल रही है इसलिए इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है लेकिन मोदी के बाद कोई ऐसा आयेगा। जो इतना कट्टर होगा, जो अपने हिसाब से चीजें चलायेगा। इस दिशा में काम भी शुरू हो चुका है। देश के पास सचेत होकर ऐसी शक्ति से लड़ने के लिए सिर्फ 20 से 25 वर्षो तक का समय है।

आज संवैधानिक संस्थाओं को षड्यंत्र के साथ ख़त्म करने का प्रयास शुरू है। दलित,मुस्लिम के खिलाफ हिंसक प्रवृत्ति अपनाई जा रही है। मीडिया की भूमिका एकतरफ़ा हो चली है एनजीओ पर प्रहार किया जा रहा है। संघ दुनिया का सबसे बड़ा और ताकतवर एनजीओ है जो सामाजिक कार्य की आड़ में हिंदुत्व का प्रचार करता है। संघ को भारतीयता से ज्यादा हिंदुत्व पसंद है क्यूँकि इसमें सिर्फ हिन्दुओं को स्थान मिलता है। जाति के आधार पर आरक्षण को ख़त्म किया जाना संघ की ही मूल भावना है।

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के मामले की सुनवाई कर रहे जज लोया की मौत से जुड़े रहस्य को कारवां ने अपनी रिपोर्ट से सार्वजानिक किया था। इस मैगजीन के संपादक बल ने लोया की मृत्यु को सोहराबुद्दीन,इशरत जहाँ की मौत के साथ तुलसी प्रजापति और हरेन पांड्या से जोड़ा। उन्होंने कहाँ इस सभी मौतों का आपस में कनेक्शन है। दंगे के बाद तब के मुख्यमंत्री मोदी ने पुलिस के आला अधिकारियो के साथ बैठक की थी। इस बैठक में संघ और वीएचपी के लोग भी मौजूद थे। बैठक में पुलिस अधिकारियो को जो शुरू है उसे शुरू रहने देने का मुख्यमंत्री ने आदेश दिया था। यह बात सार्वजनिक न हो इसलिए हत्यायें होने का दावा बल द्वारा किया गया।