Published On : Thu, Mar 28th, 2019

50-50 का फार्मूला नागपुर यूनिवर्सिटी में हो सकता है शुरू

नागपुर– कॉलेजों को आधे सेमेस्टर की परीक्षा की जिम्मेदारी सौंपने के नागपुर यूनिवर्सिटी के निर्णय को एक बार फिर हवा मिली है. करीब दो वर्ष पूर्व ऐसे ही प्रयास में नागपुर यूनिवर्सिटी नाकाम रही थी. कॉलेज प्राचार्यों ने यूनिवर्सिटी की इस तैयारी का विरोध किया था. अब करीब दो वर्ष बाद यूनिवर्सिटी बीए पाठ्यक्रम में परीक्षा का 50-50 फॉर्मूला लागू करने की तैयारी में है. आगामी जुलाई में यह नया फार्मूला लागू करने की तैयारी की जा रही है. याद रहे कि, कॉलेजों को आधी परीक्षाओं की जिम्मेदारी देने का फैसला यूनिवर्सिटी ने दिसंबर 2016 में लिया था.

एकेडेमिक काउंसिल (एसी) की बैठक में सर्वसहमति से निर्णय को मंजूरी मिली थी. फैसला हुआ था कि वर्ष 2017-18 शैक्षणिक सत्र से आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स कॉलेजों के अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों की प्रथम, तीसरे और चाैथे सेमेस्टरों की परीक्षाएं कॉलेजों में ही होंगी. इसी तरह दूसरे, पांचवें और छठवें सेमेस्टर की परीक्षा यूनिवर्सिटी लेगा. इस निर्णय के क्रियान्वयन के लिए यूनिवर्सिटी के प्र-कुलगुरु डॉ. प्रमोद येवले की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी, लेकिन प्राचार्य वर्ग की ओर से इसका विरोध हुआ था .

डॉ. बबनराव तायवाडे के नेतृत्व में प्राचार्यों के प्रतिनिधि मंडल ने कुलगुरु डॉ.सिद्धार्थविनायक काणे से मिलकर कई प्रकार की परेशानियां गिनाई थी.

कॉलेजों में पर्याप्त स्टाॅफ, सुविधाएं न होने से लेकर लंबे समय तक चलने वाले परीक्षा सत्र और वर्कलोड का हवाला देकर परीक्षाओं की जिम्मेदारी लेने से इंकार किया गया था. तभी से यह योजना ठंडे बस्ते में थी. जिसे अब दोबारा फिर गति मिली है.