Published On : Thu, Oct 1st, 2020

2 अक्टूबर , …..एक इतिहास!

2 अक्टूबर!
गांधी जयंती!!

सही याद है आप को।आज ही के दिन भारत माता ने देश को राष्ट्र-पिता के रूप में महात्मा गांधी सौंपा था।

…लेकिन, इतिहास और भी है!

2 अक्टूबर,2012 !

8 वर्ष पूर्व,आज ही के दिन, नागपुर ने मीडिया-जगत को “नागपुर टुडे” के रूप में एक अग्रणी सचेतक सौंपा था।नेतृत्व के दायित्व के साथ!इतिहास गवाह है, तब नागपुर में सूचना-क्रांति का विस्फोट हुआ था।”नागपुर टुडे” ने पूरी ईमानदारी के साथ ,अपने दायित्व का निर्वाह करते हुए मीडिया-जगत को एक नई दिशा दी। 8 वर्ष पूर्व शुरू कदमताल आज भी, 9वें वर्ष मेंं प्रवेश के साथ अनवरत जारी है।यह संभव हुआ, आप सुधी पाठकों/श्रोताओं द्वारा निरंतर प्राप्त स्नेह-सहयोग के कारण।

अतएव, सर्वप्रथम आप सभी का आभार, नमन!

मीडिया का वर्तमान काल-खंड घोर अविश्वसनीयता से भरा है।बल्कि, यूं कहें कि विश्वसनीयता के संकट के दौर से गुजर रहा है, तो कुछ गलत नहीं होगा।और, इसके लिए दोषी कथित मीडिया का वह बड़ा वर्ग है,जो स्वयं को मीडिया का प्रवक्ता मान बैठा है।ये वही स्वयंभू ‘मीडिया मुगल’ हैं,जिन्होंने मीडिया को दलाल, बाजारू, वेश्या की श्रेणी ला खड़ा कर दिया है।पूरा का पूरा मीडिया जगत आज अगर शर्मसार है, तो इन्हीं घृणित तत्वों के कारण!

इन विषम परिस्थितियों, दौर मेंं “नागपुर टुडे” ने ईमानदार, विश्वसनीय, जन-सरोकार को समर्पित पत्रकारिता का परचम लहराया।दबाव- विहीन,पक्षपात-विहीन, देश-समाज हित में निडरतापूर्वक पाठकों व सिर्फ पाठकों को समर्पित है “नागपुर टुडे!”

अनेक बाधाएं आईं, कठिनाइयां पैदा की गईंं, लेकिन पाठकों का सहयोग /समर्थन हमारा संबल बना।हम आगे बढ़ते गए, बढ़ते जा रहे हैं।
अतः, आज एक बार फिर, आज के पावन-दिवस पर “नागपुर टुडे” शपथ लेता है कि वह पूर्व की भांति, आगे भी ईमानदार पत्रकारिता का ध्वज-वाहक बना रहेगा।

क्योंकि, “नागपुर टुडे” ने न तो कभी सच का साथ छोड़ा है, और न ही कभी साहस से डिगा है।”नागपुर टुडे” ही सच है, “नागपुर टुडे” ही साहस है!

पुनः, आप सभी का अभिनंदन! आभार!!

नीलाभ कुमार विनोद 


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