नागपुर। गणेशोत्सव 2026 के समापन और गणेश विसर्जन को लेकर पुलिस कमिश्नर डॉ. विश्वास नांगरे पाटील के नेतृत्व में नागपुर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। विसर्जन मिरवणुक के दौरान शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस, यातायात, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट रखा गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. विश्वास नांगरे पाटील ने विसर्जन की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक इस वर्ष नागपुर शहर में 1,702 सार्वजनिक गणेश मंडलों का पंजीयन हुआ है। इसके अलावा करीब 2 लाख 4 हजार घरेलू गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सार्वजनिक गणेश मंडलों की संख्या में 140 मंडलों की वृद्धि हुई है। ऐसे में विसर्जन के दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही विस्तृत बंदोबस्त तैयार किया है।
सी.ए. रोड से महाल तक संवेदनशील क्षेत्र
गणेश विसर्जन मिरवणुक के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भारी भीड़ रहने की संभावना है। पुलिस ने सी.ए. रोड, फुटाला रोड, कोराडी रोड, इतवारी रोड, महाल, जाफर नगर, कॉटन मार्केट, गांधी नगर-जाफर नगर परिसर और भांडेवाड़ी सहित कई इलाकों को विशेष निगरानी में रखा है।
इन क्षेत्रों में भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और मिरवणुक को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त और निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख विसर्जन स्थलों पर विशेष इंतजाम
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस के अनुसार गोरेवाड़ा में 361, पुलिस लाइन टाकली तालाब में 42, नांदा कोराडी में 612, कच्छीविसा में 62 और महादेव घाट में 104 प्रतिमाओं के विसर्जन की संभावना है।
इसके अलावा नागपुर महानगरपालिका की ओर से तैयार किए गए कृत्रिम विसर्जन तालाबों में करीब 512 प्रतिमाओं के विसर्जन की उम्मीद है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित विसर्जन स्थलों का उपयोग करने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
कई मंडलों ने बदला विसर्जन मार्ग
इस वर्ष कुछ गणेश मंडलों ने अपने नियमित विसर्जन मार्ग में बदलाव किया है। कुछ मंडलों द्वारा कोराडी तालाब के बजाय गोरेवाड़ा तालाब और पुलिस लाइन टाकली तालाब में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
मार्गों में बदलाव के कारण यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव न आए, इसके लिए पुलिस और यातायात विभाग की ओर से संबंधित मार्गों पर विशेष व्यवस्था की गई है।
25 और 26 सितंबर को भारी वाहनों पर नियंत्रण
गणेश विसर्जन को देखते हुए 25 और 26 सितंबर 2026 को रात 8 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस के अनुसार प्रमुख रूप से तीन मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया जाएगा।
इनमें—
आग्याराम देवी चौक से गणेश मंदिर कटिंग,
मॉडल मिल चौक से मौलाना नातिक चौक,
तिलक पुतला चौक से गणेश मंदिर कटिंग
शामिल हैं।
इसके साथ ही कुछ प्रमुख चौक से आने वाले यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया जाएगा। मॉडल मिल चौक का यातायात रामकुलर और जाधव चौक की ओर, आग्याराम देवी चौक का यातायात जाधव चौक और रमन साइंस पार्क की ओर तथा मौलाना नातिक चौक और तिलक पुतला चौक के यातायात को रमन साइंस की दिशा में डायवर्ट करने की व्यवस्था की गई है।
6,250 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
विसर्जन की सुरक्षा व्यवस्था में नागपुर पुलिस आयुक्तालय के कुल बल का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा लगाया गया है। कुल 6,250 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न स्थानों पर तैनात रहेंगे।
बंदोबस्त में 1 पुलिस आयुक्त, 1 सहायक पुलिस आयुक्त, 3 अपर पुलिस आयुक्त, 11 पुलिस उपायुक्त और 15 सहायक पुलिस आयुक्त शामिल हैं। इसके अलावा 87 पुलिस निरीक्षक तथा 374 सहायक पुलिस निरीक्षक/पुलिस उपनिरीक्षक भी ड्यूटी पर रहेंगे।
मैदानी स्तर पर 4,330 पुलिस अंमलदार, जिनमें 420 प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं, तथा 1,266 होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य रिजर्व पुलिस बल की एक कंपनी, चार दंगा नियंत्रण पथक, चार क्विक रिस्पॉन्स टीम और तीन बम शोधक एवं नाशक पथक भी तैयार रहेंगे। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।
2,858 CCTV कैमरों से होगी निगरानी
विसर्जन मिरवणुक के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने के लिए 2,858 CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन कैमरों की निगरानी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी।
इसके अलावा 5 मोबाइल सर्विलांस वैन और ड्रोन भी उपलब्ध रहेंगे। भीड़ की स्थिति, यातायात और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। किसी क्षेत्र में अचानक भीड़ बढ़ने या स्थिति बदलने पर पुलिस टीमों को तत्काल अलर्ट किया जाएगा।
फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन भी तैयार
विसर्जन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग को भी अलर्ट रखा गया है। शहर के 12 फायर स्टेशनों के साथ 31 अग्निशमन वाहनों को तैयार रखा जाएगा।
इसके अलावा 13 आपदा प्रबंधन पथक भी तैनात रहेंगे। जलाशयों और विसर्जन स्थलों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर साइबर पुलिस की पैनी नजर
गणेश विसर्जन के मद्देनजर पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस के अनुसार अब तक 771 सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो की मॉनिटरिंग की जा चुकी है। इनमें से आपत्तिजनक पाए गए 13 पोस्ट पर कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विसर्जन के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। अफवाह, भड़काऊ सामग्री या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली पोस्ट सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लाउडस्पीकर के लिए समय सीमा लागू
विसर्जन मिरवणुक के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर न्यायालय और शासन के निर्देश लागू रहेंगे। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए निर्धारित समय सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा। संबंधित नियमों की अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है।
मंडलों के बीच दूरी बनाए रखने की व्यवस्था
मिरवणुक के दौरान एक साथ बड़ी संख्या में मंडल जमा न हों और यातायात तथा भीड़ व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए दो गणेश मंडलों के बीच उचित अंतर बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। पुलिस अधिकारी मिरवणुक की गति और मंडलों के बीच अंतर पर नजर रखेंगे।
अपराधियों पर पहले से शिकंजा
विसर्जन के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस ने अपराधियों और संवेदनशील तत्वों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी तेज कर दी है।
पुलिस के अनुसार अब तक 766 रिकॉर्डवरील अपराधियों की जांच, 413 तड़ीपार आरोपियों की जांच तथा 705 हिस्ट्रीशीटरों की जांच की गई है। इनमें से 885 अपराधियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा 1,450 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 51 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 22 आरोपियों से अवैध हथियार बरामद किए हैं। वहीं 118 फरार आरोपियों की तलाश भी की गई है।
पिछले साल के अनुभव से इस बार अतिरिक्त तैयारी
पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में गणेश विसर्जन के दौरान कुल 7 अपराध दर्ज हुए थे। इस बार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पहले से ही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और निगरानी बढ़ाई गई है।
बीएनएसएस की धारा 163 के तहत 1,010 अपराधियों के खिलाफ अस्थायी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस का उद्देश्य विसर्जन से पहले ही संभावित उपद्रव और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं को रोकना है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. विश्वास नांगरे पाटील की नागरिकों से अपील
पुलिस कमिश्नर डॉ. विश्वास नांगरे पाटील ने गणेश मंडलों और नागरिकों से अपील की है कि विसर्जन के दौरान पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। निर्धारित विसर्जन स्थलों का इस्तेमाल करें, यातायात व्यवस्था में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा न करें।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी भी आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री को आगे शेयर करने से बचें। किसी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपात स्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
साइबर पुलिस थाना : 0712-2584377
पुलिस नियंत्रण कक्ष : 0712-2561222
इमरजेंसी हेल्पलाइन : 112
पुलिस प्रशासन का संदेश साफ है—गणेश विसर्जन श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन सुरक्षा, यातायात नियम और कानून-व्यवस्था का पूरा ध्यान रखें।
– रविकांत कांबले





