
नागपुर। शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक तत्पर एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए नागपुर पुलिस ने व्यापक ‘एक्शन प्लान’ तैयार किया है। वाहन चोरी, घरफोड़ियां, शरीर संबंधी अपराध, चेन स्नैचिंग, साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, अवैध कारोबार, यातायात व्यवस्था तथा आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने मंगलवार को आयोजित पत्रकार परिषद में पुलिस की आगामी रणनीति स्पष्ट की।
सिविल लाइंस स्थित पुलिस भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित पत्रकार परिषद में नागपुर शहर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अपराध होने के बाद केवल जांच करना ही पुलिस का उद्देश्य नहीं रहेगा, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसे रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक पुलिसिंग, तकनीक, सीसीटीवी, गश्त, नाकाबंदी और अपराधियों के रिकॉर्ड के विश्लेषण का प्रभावी इस्तेमाल किया जाएगा।
‘नागपुर की अपराध दर कम करनी ही है’
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने कहा कि नागपुर जैसे लगभग 40 लाख की आबादी वाले बड़े शहर की कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी करीब 9 हजार पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों पर है। सीमित पुलिस बल के बावजूद आधुनिक तकनीक, बेहतर नियोजन और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवा देने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नागपुर शहर में अपराध कम करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अपराधियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के साथ ही गंभीर मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास और मजबूत करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
वाहन चोरी, घरफोड़ियों और बॉडी ऑफेन्स पर विशेष नजर
शहर में होने वाली वाहन चोरी, घरफोड़ियों और शरीर के विरुद्ध अपराधों पर पुलिस विशेष ध्यान देगी। अपराध घटित होने के बाद जांच के साथ-साथ ऐसे अपराधों को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक पुलिसिंग पर जोर रहेगा।
संदिग्ध अपराधियों की जानकारी अपडेट करना, उनकी गतिविधियों पर नजर रखना, पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड का विश्लेषण करना तथा थाना स्तर पर अपराध के पैटर्न का अध्ययन कर आवश्यक कदम उठाने की रणनीति अपनाई जाएगी।
साइबर अपराध के खिलाफ विशेष अभियान
डिजिटल युग में साइबर अपराध पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, डिजिटल फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों की रोकथाम तथा जांच को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
साइबर अपराधों की जांच में तकनीकी विशेषज्ञता और डिजिटल साक्ष्यों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए साइबर सुरक्षा के प्रति जनजागरण अभियान चलाने पर भी जोर रहेगा।
महिला और बाल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की रणनीति में विशेष प्राथमिकता रखी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने, छेड़छाड़ तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर तत्काल कार्रवाई करने और निर्भया दस्ते को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
बच्चों से जुड़े मामलों में पॉक्सो कानून के तहत प्रभावी जांच और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए जाएंगे।
चेन स्नैचिंग और सड़क अपराधों पर शिकंजा
शहर में चेन स्नैचिंग और सड़क पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिए पुलिस गश्त, नाकाबंदी और संदिग्धों की जांच बढ़ाएगी। सीसीटीवी नेटवर्क और तकनीकी साधनों की मदद से अपराधियों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
पुलिस का प्रयास रहेगा कि अपराध होने के बाद आरोपी तक पहुंचने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों की पहले ही पहचान कर अपराध को टाला जा सके।
अवैध कारोबार और हुक्का पार्लरों पर कार्रवाई जारी
शहर में अवैध कारोबार, हुक्का पार्लर तथा कानून का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अपराध को बढ़ावा देने वाले अवैध कारोबार पर नियंत्रण रखना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
त्योहारों के लिए कड़ा पुलिस बंदोबस्त
आगामी त्योहारों, उत्सवों और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को देखते हुए शहर में व्यापक पुलिस बंदोबस्त की योजना बनाई जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के साथ नाकाबंदी और गश्त बढ़ाई जाएगी।
कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि वीआईपी बंदोबस्त के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा को भी समान महत्व दिया जाएगा।
112 प्रणाली से मिलेगा तत्काल पुलिस रिस्पॉन्स
आपात स्थिति में नागरिकों के लिए 112 प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नागरिक द्वारा 112 पर कॉल किए जाने के बाद पुलिस का रिस्पॉन्स कितने समय में मिला, पुलिस घटनास्थल तक कितनी जल्दी पहुंची और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई या नहीं, इसकी निगरानी की व्यवस्था भी की जा रही है।
इससे पुलिस की प्रतिक्रिया व्यवस्था का लगातार मूल्यांकन करने और जरूरत के अनुसार उसमें सुधार करने में मदद मिलेगी।
सीसीटीवी नेटवर्क बनेगा अपराध नियंत्रण का मजबूत हथियार
नागपुर शहर में उपलब्ध सीसीटीवी नेटवर्क का अपराध नियंत्रण और अपराधों की जांच में अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जाएगा। अपराध होने के बाद आरोपी की पहचान और उसके मार्ग का पता लगाने के साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी में भी सीसीटीवी की मदद ली जाएगी।
पुलिस का मानना है कि तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से अपराधियों पर दबाव बढ़ाने और अपराधों का पर्दाफाश करने में काफी मदद मिल सकती है।
यातायात व्यवस्था पर भी विशेष फोकस
पत्रकार परिषद में शहर की यातायात समस्या, पार्किंग, सिग्नल व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। बढ़ती वाहन संख्या और सीमित सड़क व्यवस्था के कारण कई इलाकों में यातायात जाम की समस्या सामने आती है। इसे देखते हुए यातायात विभाग द्वारा नियोजनबद्ध उपाय किए जाएंगे।
डीसीपी यातायात आदित्य ने पार्किंग, सड़क यातायात, सिग्नल व्यवस्था और पैदल यात्रियों से संबंधित समस्याओं की जानकारी दी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ लंबित जुर्माने की वसूली के लिए भी नियमानुसार प्रक्रिया जारी रहेगी।
नए पुलिस थानों को मिलेगी गति
नागपुर शहर के बढ़ते विस्तार और जनसंख्या को देखते हुए नए पुलिस थानों की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। पिंपला, भिलगांव, कलमना मार्केट सहित अन्य क्षेत्रों में नए पुलिस थानों के निर्माण के साथ पुलिस विभाग को आवश्यक वाहन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निधि तथा प्रशासनिक मंजूरी को लेकर शासन स्तर पर सकारात्मक निर्णय की जानकारी दी गई।
इस दिशा में सहयोग के लिए पुलिस आयुक्त ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे का आभार व्यक्त किया। नए पुलिस थानों के शुरू होने से नागरिकों को अपने क्षेत्र में ही पुलिस सेवा अधिक तेजी से उपलब्ध हो सकेगी।
पुलिस की कार्यप्रणाली का होगा लगातार मूल्यांकन
पुलिस का काम केवल एफआईआर दर्ज करने तक सीमित नहीं रहेगा। शिकायत मिलने के बाद उसका निवारण कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से हुआ, इस पर भी निगरानी रखी जाएगी।
कंट्रोल रूम से लेकर पुलिस थाने तक प्रत्येक स्तर पर पुलिस रिस्पॉन्स की गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा। नागरिक के फोन के बाद पुलिस समय पर पहुंची या नहीं, शिकायत सही तरीके से दर्ज हुई या नहीं और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई या नहीं, इसका भी मूल्यांकन किया जाएगा।
अपराधियों का रिकॉर्ड होगा और अधिक अपडेट
पुलिस अपराधियों के रिकॉर्ड को लगातार अपडेट रखने पर विशेष जोर देगी। किसी आरोपी का एक मामले में नाम सामने आने के बाद उसके अन्य अपराधों से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।
अपराधियों के नेटवर्क, उनके साथियों और आपराधिक पृष्ठभूमि का अध्ययन कर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इससे अपराधियों की गतिविधियों पर पहले से नजर रखने में मदद मिलेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों ने भी रखी विभाग की भूमिका
पत्रकार परिषद में नागपुर शहर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त तथा डीसीपी स्तर के अधिकारियों ने साइबर अपराध, यातायात, पुलिस बंदोबस्त, महिला सुरक्षा, आपातकालीन रिस्पॉन्स और अपराध नियंत्रण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी पत्रकारों को दी।
साइबर विभाग के अधिकारियों ने ऑनलाइन ठगी के मामलों की जांच, तकनीकी साक्ष्य जुटाने और आर्थिक अपराधों में आरोपियों तक पहुंचने के लिए अपनाई जा रही तकनीकी प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी।
पत्रकारों के सवालों पर आयुक्त का स्पष्ट जवाब
पत्रकारों ने नागपुर शहर में बढ़ते अपराध, वाहन चोरी, घरफोड़ियां, साइबर फ्रॉड, यातायात समस्या, अवैध कारोबार, पुलिस बंदोबस्त और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल पूछे।
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने इन सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा योजनाबद्ध तरीके से लगातार काम किया जाएगा। उन्होंने माना कि शहर के सामने अपराध नियंत्रण की चुनौती बड़ी है, लेकिन बेहतर नियोजन, तकनीक और उपलब्ध संसाधनों के सही इस्तेमाल से इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
लक्ष्य—नागपुर के लिए ‘बेहतर पुलिसिंग’
पत्रकार परिषद के दौरान पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने नागरिक-केंद्रित और प्रभावी पुलिसिंग का संकल्प व्यक्त किया। उपलब्ध पुलिस बल, आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी नेटवर्क, साइबर सेल, 112 आपातकालीन प्रणाली, नाकाबंदी, गश्त, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी के माध्यम से पुलिसिंग को और मजबूत करने की रणनीति सामने रखी गई।
आयुक्त का स्पष्ट संदेश है कि नागपुर शहर में अपराध कम करना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए उपलब्ध सभी संसाधनों और मनुष्यबल का अधिकतम प्रभावी उपयोग किया जाएगा।
कुल मिलाकर पुलिस आयुक्त की पत्रकार परिषद से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि आने वाले दिनों में नागपुर शहर में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस रिस्पॉन्स, तकनीकी निगरानी, यातायात प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा नागरिकों के साथ संवाद को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। पुलिस का ‘एक्शन प्लान’ केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहकर अपराध की रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया और नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।
रविकांत कांबळे
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