नागपुर : नागपुर महानगरपालिका के प्रकल्प विभाग-2 ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में कहा है कि सन् 2021-22 से 2025-26 तक के पिछले पांच बजट वर्षों में विभाग के अंतर्गत बजट में स्वीकृत कोई भी प्रकल्प या योजना अधूरी नहीं है। इस कारण अधूरे प्रकल्पों की सूची, स्वीकृत रकम, खर्च की रकम और अधूरा रहने के कारण के बारे में देने योग्य जानकारी शून्य है।
आरटीआई आवेदक को दिया गया जवाब
कार्यालय, नागपुर महानगरपालिका नागपुर के उप अभियंता तथा माहिती अधिकारी (प्रकल्प-2) कार्यालय की ओर से दिनांक 16 अक्टूबर 2026 को श्री राजीव रंजन कुशवाहा, फ्लैट क्र. 109, विंग 1, रजत हाइट्स, बॉक्स कूलर फैक्टरी के पास, कोराडी रोड, नागपुर-440030 को पत्र क्रमांक 50/मा.अ.(प्र-2)/2026 द्वारा यह जवाब भेजा गया है।
पत्र के अनुसार आवेदक ने 6 अगस्त 2026 को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत अर्ज दिया था, जो मालमत्ता कर विभाग की नोंदणी क्र. 14/RTI दिनांक 10 अगस्त 2026 को प्राप्त हुआ था। इस अर्ज का मुद्दा क्र. 3 अधूरे प्रकल्प के बारे में था। इसमें पिछले पांच बजट वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक सादर बजट में स्वीकृत किन-किन प्रकल्पों या योजनाओं का काम अधूरा है, उनकी विभागवार सूची, स्वीकृत रकम, खर्च रकम और अधूरा रहने के कारण की जानकारी मांगी गई थी। यह जानकारी इस कार्यालय को संदर्भ क्र. 4 अनुसार प्राप्त हुई थी।
विभाग का स्पष्टीकरण
उपरोक्त मुद्दे के अनुषंग से प्रकल्प विभाग-2 के अंतर्गत सन् 2021-22 से 2025-26 के कालावधी में बजट में स्वीकृत कोई भी प्रकल्प या योजना अधूरी नहीं है। इसलिए मांगी गई अधूरे प्रकल्पों की सूची, स्वीकृत रकम, खर्च रकम और अधूरा रहने के कारण के बारे में जानकारी शून्य (निरंक) होने की बात पत्र में स्पष्ट की गई है।
यह जवाब (राजीव बी. गौतम) उप अभियंता तथा माहिती अधिकारी, महानगरपालिका नागपुर ने दिया है।
अपील का अधिकार
पत्र में यह भी कहा गया है कि उपरोक्त जानकारी से समाधान न होने पर आवेदक को 30 दिवस के अंदर प्रथम अपीलीय अधिकारी के पास अपील करने का अधिकार है। इस विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारी तथा कार्यकारी अभियंता (प्रकल्प-2), श्री छत्रपति शिवाजी महाराज प्रशासनिक भवन, चौथा माला, महानगरपालिका मार्ग, सिविल लाइन्स, नागपुर हैं। इस पत्र की प्रतिलिपि प्रथम अपीलीय अधिकारी तथा कार्यकारी अभियंता (प्रकल्प-2) को जानकारी के लिए भेजी गई है।



