नागपुर – नागपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मुंबई जोन यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 किलो गांजा जब्त किया है। तस्करों ने जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए गांजे की पूरी खेप को स्टील पाइपों के बीच बेहद शातिराना तरीके से छिपाया था। ओडिशा के संबलपुर से नागपुर लाई जा रही इस खेप को एनसीबी की टीम ने रविवार तड़के हुड़केश्वर क्षेत्र में आउटर रिंग रोड पर महादेव ढाबे के पास रोककर पकड़ा।
कार्रवाई के दौरान नागपुर में खेप रिसीव करने वाले मुख्य आरोपी एस.ए.एस. युसूफ उर्फ राजाभाई सहित आर.पी. गोलदार और ए. सरकार को गिरफ्तार किया गया। एनसीबी की इस कार्रवाई से नागपुर में सक्रिय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की बात सामने आई है।
इंदौर जाने वाले स्टील पाइपों में छिपाया था गांजा
एनसीबी को खुफिया सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल के दो तस्कर ओडिशा के संबलपुर से गांजे की बड़ी खेप लेकर नागपुर पहुंचने वाले हैं। यह खेप नागपुर में मौजूद मुख्य रिसीवर एस.ए.एस. युसूफ को सौंपी जानी थी।
सूचना के आधार पर एनसीबी अधिकारियों ने नागपुर में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध ट्रक की गतिविधियों पर नजर रखी। रविवार तड़के ट्रक को नागपुर-भंडारा मार्ग से होते हुए हुड़केश्वर क्षेत्र में आउटर रिंग रोड पर महादेव ढाबे के पास रोका गया।
ट्रक की तलाशी शुरू होते ही तस्करों की पूरी चाल सामने आ गई। इंदौर ले जाए जा रहे स्टील पाइपों के बीच गांजे के पैकेट छिपाकर रखे गए थे। तलाशी के दौरान एनसीबी अधिकारियों ने करीब 500 किलो गांजा बरामद किया।
4-5 साल से ड्रग तस्करी में सक्रिय था मुख्य आरोपी
एनसीबी की पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी एस.ए.एस. युसूफ उर्फ राजाभाई पिछले करीब 4-5 वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ है। उसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी नागपुर में रहकर गांजे की खेप रिसीव करने और आगे सप्लाई करने के नेटवर्क से जुड़ा था। तस्कर पुलिस और जांच एजेंसियों की निगाह से बचने के लिए लगातार अपने रूट और परिवहन के तरीके बदलते थे।
लंबे और अप्रत्याशित रास्तों का करते थे इस्तेमाल
तस्करी के नेटवर्क ने जांच एजेंसियों से बचने के लिए सीधे और सामान्य रूट के बजाय लंबे तथा अप्रत्याशित रास्तों का इस्तेमाल किया। ट्रक में स्टील पाइप जैसी सामग्री रखकर उसके बीच गांजा छिपाने की योजना भी इसी नेटवर्क की रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।
एनसीबी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के आधार पर गांजे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों, रिसीवरों और सहयोगियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
2026 में एनसीबी की नागपुर क्षेत्र में चौथी बड़ी कार्रवाई
एनसीबी के अनुसार, वर्ष 2026 में नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में गांजा तस्करी के खिलाफ यह एक और बड़ी कार्रवाई है।
11 अप्रैल: नागपुर में 209.85 किलो गांजा जब्त, दो रिसीवरों सहित चार आरोपी गिरफ्तार।
22 मई: गोंदिया जिले में 702 किलो गांजा बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार।
30 जून: भंडारा जिले में 245 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार।
4 अक्टूबर: नागपुर में 500 किलो गांजे की बड़ी खेप बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार।
एनसीबी अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद गांजे की सप्लाई, रिसीव करने और आगे पहुंचाने वाले नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।




