Published On : Fri, Aug 4th, 2017

Video: दिसंबर से शुरू होगी नागपुर मेट्रो की जॉय रन – ब्रिजेश दीक्षित

Dr Brijesh Dixit
नागपुर:
 माझी मेट्रो का ट्रायल रन अगस्त महीने के अंत से शुरू हो जाएगा और दिसंबर अंत से जॉय रन भी शुरू हो जाएगी । मिहान स्थित मेट्रो के डीपो में हैदराबाद से ट्रायल के लिए नागपुर पहुँची मेट्रो रेल एक किलोमीटर लंबे डीपो में दौड़ाने भी लगी है। फ़िलहाल मेट्रो रेल की तकनीकी जाँच शुरू है जो आगामी तीन चार दिनों तक चलेगी। माझी मेट्रो और महा मेट्रो प्रमुख ब्रिजेश दीक्षित ने शुक्रवार को ट्रायल के लिए नागपुर पहुँची मेट्रो रेल से पत्रकारों को अवगत कराया। मिहान से खापरी के बीच लगभग 5 किलोमीटर के ऐडग्रेड रूट पर नागपुर मेट्रो खुद आगामी कुछ दिन आतंरिक ट्रायल लेगी जिसके बाद फ़ाइनल ट्रायल इस महीने के अंत तक शुरू हो जायेगा। मेट्रो ट्रायल के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के भी उपस्थित रहने की उम्मीद है।

मेट्रो प्रमुख के अनुसार ट्रायल रन के लिए कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ता है। तीन चरणों में होने वाले ट्रायल की शुरुवात इस महीने के अंत से होगी रेल मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला विभाग रिचर्स डिजाइन एंड स्टेंडर्ड की ऑसिलेशन टेस्ट लेगा। इस टेस्ट में विशेष तरह के सेंसर लगाकर सेफ्टी की जाँच की जाएगी। इस टेस्ट के दौरान मेट्रो रेल को आधारित स्पीड से भी तेज रफ़्तार से दौड़कर जाँच किया जाता है। इस जाँच के बाद नागरिक उड्ययन मंत्रालय के अधीन आने वाले सीएमआरएस अपनी तरफ़ से जाँच करेगा। कमर्शियल रन से पहले होने वाली इस जाँच के बाद रेल्वे सेफ्टी बोर्ड द्वारा अंतिम ट्रायल लिया जाएगा। इसी तरह का ट्रायल हर सेक्शन में लिया जायेगा। मेट्रो प्रमुख की माने तो ट्रायल रूट में 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है।

शहर की जनता को माझी मेट्रो कराएगी जॉय रन
प्रथम चरण में जिस रूट पर मेट्रो का ट्रायल रन हो रहा है वहाँ बेहतर राइडरशिप नहीं मिलेगी यह खुद मेट्रो प्रमुख मान रहे है। पर उनका कहना है जिस तरह से शहर की जनता मेट्रो के काम हो देख रही है उसे लेकर उत्सुकता है। इस रूट पर ट्रैफिक भले न हो लेकिन जनता को माझी मेट्रो में सफ़र का आनंद जरूर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की है,किसी भी सूरत में मेट्रो दिसंबर से दौड़ने लगेगी। मॉर्निग और इव्हिनिंग में चलने वाली मेट्रो राइड के दौरान हम जनता को जॉय रन कराएंगे।

मेट्रो के डब्बो में भी झलकेगा शहर का इतिहास और संस्कृति
स्टेशनों के बाद अब मेट्रो के कोच भी शहर की संस्कृति और इतिहास को दर्शाएंगे। ट्रॉयल रन के दौरान इस्तेमाल होने वाली मेट्रो रेल और बाद में ट्रैक पर दौड़ने वाले सभी 69 डब्बों में शहर की पहचान को रेखांकित किया जायेगा।

काम की गति निर्धारित लक्ष्य से ही
मेट्रो प्रमुख का दावा है की नागपुर मेट्रो निर्माण के अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा करेगी। 60 महीने में पूरी परियोजना मेट्रो को बनकर तैयार हो जाना है अब तक 25 महीनो में 42 फ़ीसदी काम हो चुका है।


चाइना की कंपनी के साथ करार परियोजना के लिए फायदेमंद
चीन के साथ सीमा पर शुरू तनातनी के बीच नागपुर में मेट्रो के लिए बन रहे चाइना रोलिंग स्टॉक कॉर्पोरेशन के कारखाने का भी विरोध शुरू हो गया है। मसाला सीधे तौर पर मेट्रो से जुड़ा है इसीलिए इस पर सफाई देते हुए मेट्रो प्रमुख ब्रिजेश दीक्षित ने कहाँ कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सबको है। चाइना की कंपनी के साथ करार करने का फैसला सरकार का है उन्हें परियोजना का फ़ायदा देखना है। वर्त्तमान मूल्य के हिसाब से देखा जाए तो मेट्रो के कोच हमें 20 % काम दाम में मिल रहे है। एक कोच के निर्माण में कई देशों की तकनीक का इस्तेमाल होता है। चाइना की कंपनी के साथ हुए करार में 10 साल से रखरखाव की जिम्मेदारी कंपनी पर ही है इस लिहाज से यह वर्त्तमान दौर में फ़ायदे का सौदा है। शहरी विकास मंत्रालय ने मेट्रो की अन्य परियोजनाओं को नागपुर मेट्रो का उदाहरण देते हुए इसे अपनाने की सलाह दी है।

नागपुर पहुँच चुके है ड्राईवर – टेक्नीकल स्टाफ़
नागपुर मेट्रो ट्रेन को चलने वाले 17 ड्राईवर नियुक्त हो चुके है। इनमे एक महिला ड्राईवर भी है,देश भर की विभिन्न मेट्रो में अनुभव ले चुके यही ड्राईवर शहर की मेट्रो ट्रेन को चलाएंगे। यह ड्राईवर कंट्रोल रूम,सिग्नलिंग से जुड़े काम भी देखेंगे।

कामठी रोड को भी डबल डेकर ब्रिज की सौगात
वर्धा रोड की ही तरह कामठी रोड पर भी नागपुर मेट्रो द्वारा डबल डेकर ब्रिज बनाया जाने वाला है। इस काम के लिए एनएचएआई के साथ बीते दिनों मीटिंग हुई। दो अगस्त को परिवहन मंत्रालय के साथ भी बैठक हो चुकी है। इन बैठकों के बाद अब यह तय हो चुका है की वर्धा रोड की ही तरह कामठी रोड को भी डबल डेकर ब्रिज की सौगात मिलेगी फ़िलहाल निर्णय अंतिम प्रक्रिया में है। शहर के तीन प्रमुख दिशाओ से गुजर रही मेट्रो फ़िलहाल कोराडी रोड की तरफ ले जाने की कोई योजना नहीं है। यहाँ राइडरशिप तुलनात्मक रूप से अन्य भागों से कम है।