नागपुर: नागपुर मेट्रो रेल परियोजना फेज-२ के तहत ‘रीच-२’ में जहां वायाडक्ट और सेगमेंट निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, वहां ट्रैक बिछाने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। अब तक लगभग २ किलोमीटर तक ट्रैक बिछाने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। महा मेट्रो ने चालू वर्ष के दौरान ही अन्य रीच में भी चरणबद्ध तरीके से ट्रैक बिछाने का काम शुरू करने की योजना बनाई है।
ट्रैक की योजना और निर्माण के दौरान महा मेट्रो ने पटरियों को मजबूती से कसने की ट्रैक प्रणाली फास्टनिंग सिस्टम (Track Fastening System) में महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार किए हैं। इस संशोधित डिजाइन को भारतीय रेलवे की संस्था ‘आरडीएसओ’ (RDSO – Research Design and Standards Organization) द्वारा मंजूरी दी गई है। इस नई री-इंजीनियरिंग पद्धति (PDRBA 21166) के तहत कंक्रीट प्लिंथ के साथ पटरियों को जोड़ने के लिए पहले की ४-होल (4-hole) प्रणाली के स्थान पर २-होल (2-hole) प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।
इस संशोधित डिजाइन के कारण बेस प्लेट के आकार और प्लिंथ की चौड़ाई कम होने से ट्रैक बिछाने की कुल लागत में बचत हुई है।उल्लेखनीय है कि, विशेष रूप से डिजाइन किए गए ‘डबल रबर पैड्स’ (Double Rubber Pads) के उपयोग से पूरी ट्रैक प्रणाली की लचीलापन (resilience) बढ़ी है, जिससे कंपन (vibrations) कम करने में मदद मिलेगी।
ट्रैक बिछाने के दौरान मानवीय त्रुटियों (human errors) को रोकने के लिए ‘गेज बेस्ड चेक’ (Go – No Go System) जैसी आधुनिक प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पूरा कार्य आईएसओ (ISO) प्रमाणित ‘एकीकृत प्रबंधन प्रणाली’ (IMS) के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता, पर्यावरण और सुरक्षा के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित हो रहा है।
महा मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री श्रावण हर्डिकर ने हाल ही में ट्रैक निर्माण कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेट्रो की सेवा अवधि के दौरान पटरियों के घिसाव (rail wear) को कम करने के उपायों पर उपस्थित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की और दीर्घकालिक सुधारों के लिए आवश्यक निर्देश दिए।




