
नागपुर: मेकोसाबाग नवरात्र दुर्गा उत्सव मंडल, नागपुर की ओर से आयोजित नवरात्र महोत्सव 2026 इस वर्ष ‘Divine Rishikesh’ की अनूठी आध्यात्मिक थीम के साथ श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। मंडल द्वारा तैयार किए गए भव्य पंडाल में ऋषिकेश की धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया। इस अनूठी सजावट ने श्रद्धालुओं को नागपुर में ही ऋषिकेश की आध्यात्मिक नगरी का अनुभव कराया।
राम झूला और लक्ष्मण झूला की भव्य प्रतिकृतियां
इस वर्ष महोत्सव की थीम के तहत ऋषिकेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों की प्रतिकृतियां तैयार की गईं। इनमें राम झूला, लक्ष्मण झूला, गंगा नदी, त्रिवेणी घाट, साईं घाट, परमार्थ निकेतन और त्र्यंबकेश्वर मंदिर की आकर्षक संरचनाएं शामिल रहीं। इन प्रतिकृतियों को सुंदर रूपरेखा के साथ साकार किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं।
‘मेडिटेशन दर्शन’ रहा विशेष आकर्षण
महोत्सव में ‘मेडिटेशन दर्शन’ की अनूठी अवधारणा भी प्रस्तुत की गई। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को ध्यान, आत्मचिंतन और मानसिक शांति का अनुभव कराने का प्रयास किया गया। मंडल ने इस पहल को दुनिया का पहला ‘मेडिटेशन दर्शन’ कॉन्सेप्ट बताया।
इसके अलावा प्रतिदिन भजन, भजन जैमिंग, मंत्रोच्चार, ढोल पथक और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ने का अवसर मिला।
गंगा संरक्षण का संदेश, सेवा को भी प्राथमिकता
महोत्सव के दौरान गंगा नदी की पवित्रता और संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देने के लिए दीप प्रज्वलित किए गए। धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
सेवा और समर्पण की भावना के तहत मंडल की ओर से प्रतिदिन लंगर भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए फलाहार एवं उपवास का भोजन उपलब्ध कराया गया। इन गतिविधियों के जरिए मानव सेवा और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।
संत फकीरा साईं जी सहित गणमान्य अतिथियों ने किए दर्शन
महोत्सव के दौरान संत फकीरा साईं जी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर मां दुर्गा के दर्शन किए। अतिथियों ने बाबा खाटियावाला मंदिर में भी आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंडल के पदाधिकारियों, सेवादारों, सहयोगियों, प्रायोजकों और मेकोसाबाग के नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से आयोजन सफल रहा। मंडल ने सभी दानदाताओं, प्रायोजकों, कलाकारों, स्वयंसेवकों, प्रशासन और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मंडल के अनुसार, नवरात्र महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण, संस्कार, सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता का माध्यम भी है। मंडल ने भविष्य में भी समाजहित और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी सेवाएं जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।





